करीब दो माह की शांति के बाद एक बार फिर जाट आरक्षण की मांग राजस्थान में जोर पकड़ने लगी है। भरतपुर-धौलपुर के जाटों को ओबीसी में आरक्षण देने की मांग को लेकर 23 अगस्त से उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नेमसिंह फौजदार ने मीडिया में बयान जारी करते हुए आरोप लगाया है कि राज्य सरकार दो साल से जाटों को आरक्षण के मुद्दे पर गुमराह कर रही है। इसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दो महीने पहले हुए आंदोलन के दौरान सरकार ने समझौता कर जल्द केबिनेट की बैठक बुलाकर आरक्षण के मामले में अधिसूचना जारी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन उस पर अभी तक अमल नहीं किया गया। इससे जाट समाज में भारी आक्रोश है।
फौजदार ने सरकार को चेतावनी देते हुए 23 अगस्त से बड़ा आंदोलन शुरु करने की घोषणा की। इसके तहत सड़क, रेल मार्ग सहित बाजारों को बंद करवाए जाएंगे। इस आंदोलन के लिए समर्थन जुटाने के लिए रविवार से गांव-गांव में संपर्क किया जा रहा है।