भरतपुर में जाट आंदोलन ने यातायात को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। भरतपुर से होकर जाने वाले ट्रेन के साथ ही सड़क मार्ग पर भी कई जगह जाट समाज ने कब्जा कल लिया है। भरतपुर को जोड़ने वाली सड़कों पर जाट आंदोलनकारी नजर आ रहे हैं। सरकारी बसों के साथ ही निजी वाहन तक, सभी पर आंदोलन का असर देखने को मिलने लगा है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि शुक्रवार को संघर्ष समिति के संरक्षक व कांग्रेस विधायक विश्वेन्द्र सिंह का जन्मदिन है, इसलिए हाइवे पर ही केक काटा जाएगा। ऐसे में माना जा रहा है कि सड़क मार्ग से होकर गुजरने वाले लोगों की परेशानी अब और भी बढ़ सकती है।
आंदोलनकारियों ने भरतपुर के प्रदेश की राजधानी जयपुर से जोड़ने वाले मार्ग पर भी जमा हो गए है। यहां पर खेरली मोड़ पर जाम लगा दिया गया है। जाटों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती, तब तक आंदोलनजारी रहेगा।
भरतपुर जयपुर मार्ग के अलावा नदबई नगर सड़क मार्ग को भी जाम करने की कोशिश की गई है। इसमें रौनीजा गांव पर जमा लगाया गया है। वहीं दूसरी तरफ नदबई खेड़ली मार्ग पर भी जाम लगाया गया है। यहां कटारा गांव में जाटों के आंदोलन का असर देखने को मिल रहा है।
जानकारी के अनुसार जानकारी के अनुसार भरतपुर के पथैना में जाम लगाकर जयपुर-भरतपुर हाईवे को जाम कर दिया है। सड़क मार्ग पर जाट आंदोलनकारियों की टीमें बिखरी हुई नजर आ रही हैं। इनमें भी भरतपुर-अलवर सड़क मार्ग खासा प्रभावित हुआ है। इस पर कंजौली, पास्ता, बेदम सहित कई जगहों पर जाम की स्थिति देखने को मिली है।
जाट आंदोलनकारियों ने सुबह से ही रास्ता रोकना शुरू कर दिया है। लोगों को वहां पर रोका जा रहा है और लौटाया जा रहा है। जिससे यहां से गुजरने वाले वाहनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर जाटों ने सड़कों पर चारपाई बिछाकर जाम लगा दिया है।
पहले रेल यातायात और फिर उसके बाद सड़क यातायात पर जाम होने के कारण लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खास तौर पर समर वेकेशंस के चलते घूमने फिरने गए लोगों को लौटने में परेशानी हो रही है।