जैसलमेर में पानी की किल्लत, जनता परेशान
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स्वर्णनगरी जैसलमेर के ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के वाशिंदे पानी की किल्लत होने से काफी दिनों से परेशानियां झेल रहे हैं। पीने के पानी को लेकर जिम्मेदार विभाग के पास कोई ठोस कार्य योजना होने के अभाव में जिले भर में पानी को लेकर त्राहि—त्राहि मची हुई है। शहरी क्षेत्रों में जहां दस-दस दिनों तक पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। वहीं, सूदूर ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी पानी के टैंकरों की आपूर्ति व सरकारी लाईनों में पानी नहीं आने की शिकायतें लेकर जिला मुख्यालय पर जलदाय विभाग के चक्कर काटते देखे जा रहे है।
एक तरफ, जलदाय विभाग भले ही जैसलमेर जिले के शहर गांवों व ढाणियों में बेहतर पेयजल आपूर्ति के दावे कर रहा हो, लेकिन हकीकत में जिले के सरहदी गांवों में भी पेयजल किल्लत के हालात बने हुए है। ऐसे में लोगों को गर्मी शुरू होने से पहले भी अपनी प्यास बुझाने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। जैसलमेर में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था सुधारने के लिए जनप्रतिनिधि हो या फिर प्रशासनिक जिम्मेदार सभी मौन है।
जैसलमेर में जलापूर्ति व्यवस्था की यह स्थिति है कि शहर में जहां पिछले 5 से 7 दिन से जलापूर्ति नहीं हुई है। वहीं ग्रामीण अंचलों में जीएलआर में पिछले 15 दिन से पानी नहीं आने के कारण लोगों को टैंकर मंगवाकर प्यास बुझानी पड़ रही है। इससे आमजन के घर का बजट भी गड़बड़ा गया है। लोगों को पानी की मांग पूरी करने के लिए महंगे दामों में टैंकर से पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। जिससे आम आदमी के जीवन में हर महीने करीब 2500 से 3000 रुपए का खर्च बढ़ गया है।