7 जनवरी की वह खूनी तारीख...
साल 2020 में देश-दुनिया का हर शख्स लगभग परेशान रहा, लेकिन इस साल ने अपने पहले हफ्ते में ही जयपुर को लहूलुहान कर दिया। दरअसल, जनवरी महीने की सात तारीख को प्रताप नगर स्थित यूनिक टावर के आई ब्लॉक में एक शादीशुदा महिला श्वेता तिवारी की हत्या हो गई। साथ ही, उसके 21 महीने के बेटे श्रेयम को अगवा कर लिया गया और 30 लाख की फिरौती मांगी गई। पॉश इलाके में मां की हत्या और बेटे की किडनैपिंग से पूरा जयपुर थर्रा उठा। कानपुर की रहने वाली श्वेता इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड में मैनेजर रोहित तिवारी की पत्नी थी। रोहित उस दौरान जयपुर एयरपोर्ट पर तैनात था।
अगले दिन मिली बच्चे की लाश
मामले की जानकारी मिलते ही जयपुर पुलिस के भी होश उड़ गए। उन्होंने आनन-फानन में मामले की पड़ताल शुरू कर दी, लेकिन जांच कुछ आगे बढ़ पाती, उससे पहले अगले ही दिन बच्चे की लाश अपार्टमेंट के पीछे जंगल में बरामद हुआ। इस डबल मर्डर के बारे में जिसने सुना, वह हैरान रह गया। हर कोई सोच रहा था कि कैसे किसी ने पॉश सोसायटी में घुसकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे डाला?
जूतों की 'गवाही' से बेनकाब हुआ चेहरा
वारदात का खुलासा करने के लिए पुलिस ने इलाके के दो किलोमीटर दायरे में लगे हर सीसीटीवी की फुटेज खंगाली। साथ ही, अपार्टमेंट के हर फ्लैट में पिछले छह महीने के दौरान आए हर शख्स की डिटेल निकाली। इसके अलावा करीब 150 जवानों ने डोर टु डोर सर्वे भी किया। जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी की फुटेज में आरोपी का चेहरा नजर नहीं आया, क्योंकि उसने मुंह पर रुमाल बांध रखा था। हालांकि, फुटेज में उसके जूते जरूर नजर आए। वहीं, फिरौती के एसएमएस को खंगालते-खंगालते पुलिस सर्विलांस की मदद से सांगानेर जा पहुंची तो महिला के पति रोहित तिवारी का दोस्त सौरभ हाथ लग गया। सौरभ के घर के बाहर रखे जूते सीसीटीवी फुटेज के जूतों से मेल खाए तो पुलिस ने उसे धर दबोचा।
ऐसे हुआ डबल मर्डर का खुलासा
पुलिस ने शक के आधार पर सौरभ को हिरासत में ले लिया और उससे पूछताछ शुरू कर दी। इस दौरान सौरभ से रोहित का आमना-सामना कराया गया। ऐसे में रोहित ने उसे पत्नी और बेटे की हत्या का जिम्मेदार ठहरा दिया। इल्जाम अपने सिर आते देखकर सौरभ टूट गया और उसने ऐसा खुलासा किया कि हर किसी के होश उड़ गए। दरअसल, पत्नी और बेटे की मौत पर गम में डूबे रहने का नाटक करने वाले रोहित ने ही उनके कत्ल की पूरी कहानी लिखी थी।
इस वजह से कराया डबल मर्डर
पूछताछ के दौरान रोहित ने पत्नी और बेटे की हत्या की जो वजह बताई, उसे सुनकर पुलिस वाले भी हैरत में पड़ गए। रोहित ने बताया कि वह एक महिला से प्यार करता था और उससे शादी करना चाहता था। इसके अलावा श्वेता से उसके रिश्ते काफी खराब थे और उनके बीच अक्सर झगड़ा होता रहता था। ऐसे में रोहित ने श्वेता को रास्ते से हटाने की प्लानिंग कर ली।
छह महीने तक की थी कत्ल की प्लानिंग
रोहित ने पुलिस को बताया कि वह अपनी पत्नी और बेटे की हत्या की साजिश में पूरी तरह बच निकलना चाहता था। इसके लिए उसने छह महीने तक प्लानिंग की थी। इसके मद्देनजर उसने एयरपोर्ट पर लगे सीसीटीवी कैमरों के तार 23 दिसंबर 2019 को ही निकाल दिए थे। उसका मकसद था कि जब वह हत्या की योजना बनाने के लिए निकले तो उसके ऑफिस आने-जाने के बारे में किसी को जानकारी न मिले। वारदात वाले दिन यानी सात जनवरी को उसने इंडियन ऑयल और एयरपोर्ट के अधिकारियों के साथ पूरे दिन बैठक रखीं, जिससे यह साबित न हो सके कि हत्या में उसका हाथ है।
हत्या के लिए सात साल किया इंतजार
रोहित ने बताया कि 2011 में उसकी शादी हुई थी, लेकिन उनके बीच शुरुआत से ही झगड़े होते रहे। वह अपनी पत्नी का कत्ल काफी पहले करना चाहता था, लेकिन दहेज के पचड़े में फंसने से बचने के लिए उसने शादी के सात साल बीतने का इंतजार किया। रोहित ने बताया कि वह अपनी पुरानी जिंदगी की हर याद से दूर जाना चाहता था। इस वजह से उसने अपने लाडले बेटे श्रेयम को भी नहीं बख्शा।
ऐसे मौत के घाट उतारे गए मां-बेटा
सौरभ ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ रोहित के घर कई बार जा चुका था। ऐसे में जब वह सात जनवरी को वारदात को अंजाम देने पहुंचा तो जान-पहचान के चलते श्वेता ने दरवाजा खोल दिया। इसके बाद वह सौरभ के लिए चाय बनाने चली गई। ऐसे में सौरभ ने मौका पाकर अदरक कूटने वाली मूसली से श्वेता के सिर में कई वार किए। इसके बाद चाकू से महिला का गला काट दिया। श्वेता को जान से मारने के बाद सौरभ ने श्रेयम को भी मौत के घाट उतार दिया और उसका शव अपार्टमेंट के पीछे जंगल में फेंक दिया।
दोनों दोस्तों के बीच हुआ था 'समझौता'
पुलिस पूछताछ में हैरान करने वाली एक और हकीकत सामने आई। दरअसल, इस वारदात को अंजाम देने के लिए रोहित और सौरभ के साथ एक खौफनाक समझौता हुआ था। उन्होंने तय किया था कि वे एक-दूसरे की पत्नियों की हत्या कर देंगे। श्वेता की हत्या के बदले में मामला ठंडा होने के बाद रोहित को सौरभ की गर्भवती पत्नी की हत्या करनी थी।
हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी है जमानत याचिका
बता दें कि इस खौफनाक वारदात का खुलासा होने के बाद लोग बुरी तरह भड़क गए। उन्होंने सौरभ और रोहित को फांसी देने की मांग की थी। हालांकि, दोनों आरोपियों ने जमानत के लिए उच्च न्यायालय में गुहार लगाई थी, लेकिन उनकी याचिका खारिज कर दी गई।