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उपद्रवियों से घिरी अकेली महिला IPS ने वर्दी के ऊपर इन कपड़ों को डाल बचाई अपनी जान

Wed, 19 Jul 2017 11:28 AM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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मोनिका सैन
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कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल एनकाउंटर प्रकरण में 12 जुलाई को सांवराद में श्रद्धांजलि सभा में अचानक हुए उपद्रव में आईपीएस मोनिका सैन को भी भीड़ ने काफी नुकसान पहुंचाया। ग्रामीण महिलाओं और खुद की सूझबूझ से ही उन्होंने खुद को हजारों उपद्रवियों के बीच से सुरक्षित बाहर निकाला।
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खौफनाक मंजर की पूरी कहानी को मोनिका सैन ने 'अमर उजाला' के साथ शेयर किया। हजारों उपद्रवियों से घिरी मोनिका सैन ने जब खुद को राजपूत बताया और बाद में राजपूती कपड़े पहनकर अपनी जान बचाई।

आईपीएस मोनिका सैन ने अपने साथ घटित उस खौफनाक मंजर के बारे में बताया कि शाम को अचानक नागौर जिला पुलिस अधीक्षक पारिस देशमुख को सूचना मिली कि रेलवे भीड़ रेलवे ट्रेक उखाड़ रही है और 8 काॅन्सटेबल को बंदी बना लिया गया है। इनमें से तीन पर केरोसिन भी छिड़क दिया गया है ओर आग लगाने जा रहे हैं।
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 इस पर एसपी देशमुख ने उन्हें साथ लिया और घटना स्थल की ओर बढ़ गए। उनके साथ दो गनमैन, एक ड्राईवर और एक अन्य हैड काॅन्सटेबल भी था। घटनास्थल से लगभग 800 मीटर दुरी पर ही भीड़ ने उन पर पथराव शुरू कर दिया। जैसे-तैसे एसपी देशमुख ने समाज के नेताओं की गाड़ी में शरण ली और अपनी जान बचाई।

गाड़ी घेरी और बरसाए पत्थर व लाठियां, खौफनाक था मंजर

मोनिका सैन
आईपीएस मोनिका सैन बताती हैं कि वह मंजर काफी खौफनाक था। हजारों की संख्या में लोग और चारों तरफ से लाठियां व पत्थर बरसाए जा रहे थे। गाड़ी एकाएक पलटने को हुई तो उन्होंने सभी को गाड़ी से उतरने के निर्देश दिए।

सभी ने हैलमेट और जैकेट पहन रखा था। इससे काफी बचाव हुआ। भीड़ ने गनमैन की बंदूक छीन ली और सभी के साथ मारपीट शुरू कर दी। उन पर भी डंडे बरसाए गए।

उन्होंने अपना हैलमेट हटाकर राजपूत समाज की बेटी होने की बात लोगों से कही। जब लोगों ने देखा कि महिला है, तो कुछ को रहम आ गया। उन्होंने उसे जैसे-तैसे वहां से बचाकर निकाला।

वहां से छिपते छिपाते वह एक घर की ओर गईं, जहां कुछ महिलाएं खड़ी थीं। महिलाओं ने उन्हें अंदर ले जाकर बैठाया। वहां जाने के बाद ही उन्होंने स्थानीय थाना पुलिस से सम्पर्क किया। लगभग 40 मिनट वह उस घर में रुकीं।
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ग्रामीण महिलाओं की ये सलाह आई काम और बच गई जान

मोनिका सैन
इसके बाद महिलाओं ने उन्हें राजपूती ड्रेस पहनने की सलाह दी। उन्होंने वर्दी के उपर ही राजपूती ड्रेस डाली और स्थानीय थानाधिकारी के साथ थाने पहुंची। थाने जाते ही एसपी पारिस देशमुख और गनमैन सहित अन्य के बारे में जानकारी ली।

आईपीएस सैन ने कहा कि इतनी मात्रा में भीड़ एकत्रित करने वाले राजपूत समाज के नेताओं के खिलाफ अवश्य सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। क्योंकि जिस तरह से माहौल को बिगाड़ा गया और पुलिसकर्मियों के साथ बेरहमी से मारपीट की गई यह पूरी तरह कानून के खिलाफ है।

ऐसे लोगों पर यदि कार्रवाई नहीं होती है, तो भविष्य में ऐसे दुसरे लोगों का मनोबल बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं से पुलिस का मनोबल गिरता है।
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