राजस्थान निवेशकों के लिए बाहें फैलाए खड़ा है। निवेश के क्षेत्र में आज राजस्थान कीर्तिमान रचने जा रहा है। जयपुर जेईसीसी कैंपस में 7 और 8 अक्टूबर को होने वाले इन्वेस्ट राजस्थान समेत 2022 की सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। विभाग के आला अधिकारियों ने गुरुवार को कैंपस का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। इस दौरान विभाग की एसीएस वीनू गुप्ता सहित उद्योग विभाग के अनेक आला अधिकारी मौजूद रहे।
उद्योग विभाग की एसीएस वीनू गुप्ता के मुताबिक, 7 और 8 अक्टूबर का दिन राजस्थान सरकार के लिए ऐतिहासिक होगा। सरकार की तरफ से 10.44 लाख करोड़ रुपये के 4 हजार 192 एमओयू और एलओआई पर दस्तखत किए जा चुके हैं। इनमें से 1 हजार 680 एमओयू और एलओआई क्रियान्वित अथवा क्रियान्वयन के चरण में हैं। जो कि लगभग 40 फीसदी है। कुछ प्रमुख एमओयू और एलओआई का शिलान्यास एवं उद्घाटन इन्वेस्ट राजस्थान समिट के उद्घाटन सत्र में किया जाएगा।
समिट में देश के जाने माने उद्यमी होंगे शामिल...
इन्वेस्ट राजस्थान समिट में देश के जाने माने उद्योगपति शामिल होंगे। इनमें एलएन मित्तल, गौतम अडाणी, सीके बिरला, पुनीत चटवाल, प्रवीण सिन्हा, कमल बाली, अजय श्रीराम, अनिल अग्रवाल, बी संथानम और संजीव पुरी द्वारा समिट में आने की सहमति दी गई है। समिट के दौरान राजस्थान में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी।
ये प्रस्ताव हुए स्वीकृत...
सरकार ने हाल ही में अवाड्डा पावर, ओ2 पावर एसजी पीटीई लिमिटेड, असाही इंडिया ग्लास लिमिटेड, ओकाया एनर्जी स्टोरेज, सेंट गोबेन ग्लास इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, वरुण बेवरेजेज, डायमेंशन प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड और विप्रो हाइड्रोलिक्स प्राइवेट लिमिटेड आदि कम्पनियों के निवेश प्रस्तावों को स्वीकृति दी है। इन्वेस्ट राजस्थान समिट के तहत आयोजित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय इन्वेस्टर्स मीट के दौरान 4,192 एमओयू और एलओआई प्राप्त हुए हैं, जिन एमओयू/एलओआई पर हस्ताक्षर किए गए। उनमें से अधिकांश खनन एवं खनिज, कृषि एवं कृषि-प्रसंस्करण, पर्यटन, कपड़ा, इंजीनियरिंग, रसायन और पेट्रोकेमिकल, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा एवं हस्तशिल्प सेक्टर से हैं। 4,192 एमओयू/एलओआई में से 40 फीसदी पहले ही लागू हो चुके हैं।
वन स्टॉप शॉप सुविधा...
राज्य सरकार की ओर से 10 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों की समयबद्ध स्वीकृति के लिए वन स्टॉप शॉप जैसी सुविधाओं का निर्माण किया गया है। राजस्थान इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी (2019), राजस्थान सोलर एनर्जी पॉलिसी (2019), राजस्थान विंड एंड हाइब्रिड एनर्जी पॉलिसी (2019) प्रदेश में व्यवसाय के विस्तार में निवेशकों की सहायता करेगी।
इसी प्रकार राजस्थान एग्रो-प्रोसेसिंग, एग्रो बिजनेस एंड एग्री एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी (2019), हैंडीक्रॉफ्ट पॉलिसी, राजस्थान एमएसएमई एक्ट (फैसिलिटेशन ऑफ एस्टेब्लिशमेंट एंड आपरेशन) 2019, राजस्थान टूरिज्म पॉलिसी (2020) और अन्य पॉलिसी विभिन्न सेक्टर को सहयोग प्रदान करते हैं। जबकि राजस्थान इनवेस्टमेंट प्रमोशन स्कीम (रिप्स-2019) राजस्थान में नए व्यवसाय आरम्भ करने और मौजूदा व्यवसाय के विस्तार में निवेशकों की सहायता करेगी।
इस समिट में एलएन मित्तल (आरसेलर मित्तल ग्रुप), गौतम अडाणी चैयरमेन (अडाणी ग्रुप), सी. के बिरला (सीके बिरला ग्रुप), पुनीत चटवाल (इंण्डियन होटल्स कम्पनी), डॉ. प्रवीर सिन्हा (टाटा पावर कम्पनी लि.), कमल बाली (वोल्वो ग्रुप), अजय श्रीराम (डीसीएम श्रीराम), अनील अग्रवाल (वेदान्ता ग्रुप), बी सन्थानम (सेन्ट गोबेन) तथा संजीव पुरी (आईटीसी) शामिल होंगे।
इन निवेशों पर बनी सहमति...
राज्य सरकार ने दावा किया है कि सेरेमनी में हुए एमओयू के तहत कुछ निवेशकों की ओर से मेगा परियोजनाओं में निवेश किया जाएगा। ग्रीन हाइड्रोजन और अमोनिया प्रोजेक्ट पर लगभग 40,000 करोड़ रुपये का निवेश करने का प्रस्ताव है। ओ2 पावर एसजी पीटीई की ओर से विभिन्न जिलों में अक्षय ऊर्जा एवं सौर ऊर्जा सेक्टर में 25,000 करोड़ रुपये का निवेश करने का प्रस्ताव दिया है। असाही इंडिया ग्लास लिमिटेड की ओर से चित्तौड़गढ़ में 1400 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है।
सेंट गोबेन ने अलवर में 1000 करोड़ रुपये के निवेश से फ्लोट ग्लास मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। वरुण बेवरेजेज लिमिटेड की ओर से 636 करोड़ रुपयों की कार्बोनेटेड सॉफ्ट-ड्रिंक्स, फ्रूट जूस और पैकेजिंग प्रोडक्टस की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित की जाएगी। साथ ही विप्रो जयपुर में हाइड्रोलिक सिलेंडर प्रोजेक्ट में 200 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।