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यदि महिलाएं नहीं होती तो ओलम्पिक में क्या होता...

Sun, 05 Mar 2017 05:55 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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जयपुर में ‘आओ साथ चलें‘ की थीम पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस सप्ताह के तहत आयोजित कार्यक्रम - फोटो : Amar Ujala
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राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ का कहना है कि ओलम्पिक में महिलाएं नहीं होती भारतीय मन मसोस कर रह जाते। 
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सराफ रविवार को जयपुर में ‘आओ साथ चलें‘ की थीम पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस सप्ताह के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। जेईसीसी ऑडिटोरियम यह कार्यक्रम आयोजित हुआ। सराफ ने कहा कि महिलाएं किसी भी लिहाज से पुरुषों से कम नहीं है। 

उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने कहा कि बेटियां होती ही सबसे विशेष हैं। बेटियों और महिलाओं के बिना स्वस्थ समाज की कल्पना करना ही बेमानी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाएं शिक्षित हो रही हैं इसी का परिणाम है कि आज राज्य में बाल विवाह का आंकड़ा 65 प्रतिशत से 35 प्रतिशत पर आ गया। 
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राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष  सुमन शर्मा ने कहा कि महिलाएं हमेशा से सशक्त रही हैं। केवल उन्हें उनकी शक्ति का अहसास कराते हुए, सम्बल देते हुए उनका आत्मविश्वास बढ़ाना है। 

इस अवसर पर यूएनएफपीए के प्रमुख डिएगो पैलियोसियोस ने कहा कि यूनिसेफ और राज्य सरकार के साथ प्रदेश में बाल विवाह रोकथाम के लिए बेहतरीन काम हो रहा है। महिला बाल विकास विभाग के सचिव कुलदीप रांका ने बताया कि प्रदेश में पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस प्रदेश में सप्ताह भर मनाया जा रहा है।
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पुरस्कार और विशेष सम्मान की कड़ी में झालावाड़ की प्रतिमा सिंह चौहान को महिला शक्ति पुरस्कार-2016-17 से नवाजा गया। सर्वश्रेष्ठ विभागीय अधिकारी का पुरस्कार महिला अधिकारिता विभाग के राज्य समन्वयक डॉ. जगदीश प्रसाद और उदयपुर की कार्यक्रम अधिकारी रश्मि कौशिश को दिया गया। सर्वश्रेष्ठ साथिन पुरस्कार धौलपुर की सुमन शर्मा को और मां यशोदा पुरस्कार जयपुर की इशरत को, श्रेष्ठ सहायिका पुरस्कार भीलवाड़ा की आशा पुरी और श्रेष्ठ आशा सहयोगिनी के तौर पर चूरू की शारदा देवी को चुना गया। 
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