राजस्थान सरकार ने बीते पांच सालों में राज्य के आदिवासी इलाकों में विभिन्न कामों के लिए मंजूर 96 प्रतिशत बजट खर्च किया गया, जिससे सरकारी योजनाओं को बल मिला है। जनजातीय क्षेत्रीय विकास मंत्री अर्जुन सिंह बामणिया ने सोमवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह जानकारी दी।
उन्होंने सदन को बताया कि बीते पांच सालों में इस विभाग को आंवटित बजट में से संचालित योजनाओं पर 96 प्रतिशत से अधिक व्यय किया जा चुका है, केवल चार प्रतिशत राशि उपयोग नहीं होने के कारण लौट गई। मंत्री ने बताया कि इन इलाकों के लिए यह राशि पूरे राज्य स्तर और विभाग में विभिन्न 300 से अधिक योजनाओं के बजट मदों के तहत खर्च की जाती है।
उन्होंने कहा, ‘‘इस नगण्य राशि को व्यावहारिक रूप से मानते हुए किसी अधिकारी/कर्मचारी को जिम्मेदार नहीं माना गया है। अत: किसी अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध इस नगण्य लौटी राशि के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई।’’
मंत्री ने राज्य और केंद्र की योजना के मंजूर बजट और खर्च की गई राशि का ब्यौरा भी सदन के पटल पर रखा। उन्होंने कहा कि 2015-16 से 2019-20 (जून 2019) तक के दौरान राज्य योजनाओं के तहत 1,16,557 लाख रुपए मंजूर किए गए जिनमें से 1,09,730 लाख रुपए विभिन्न योजनाओं में व्यय किए गए हैं।