कोटा के आरएसी ग्राउण्ड में आयोजित हो रहें ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट के आखिरी दिन शुक्रवार को प्रदेश के कई मंत्रियों ने शिरकत की। यहां आयोजित हुई जाजम बैठकों में प्रदेश के पीएचईडी मंत्री सुरेन्द्र गोयल, सामान्य प्रशासन मंत्री हेमसिंह भडाणा व सार्वजनिक निर्माण मंत्री यूनुस खान किसानों से रुबरू हुए। यहां मंत्रियों ने किसानों से उनकी समस्याएं सुनी और व्यवहारिक समस्याओं को जाना। साथ ही किसानों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी मंत्रियों को दी गई।
जाजम में किसानों से बातचीत में मंत्री भडाणा ने कहा कि किसान कम लागत में अधिक उत्पादन वाली फसलों को अपनाएं। उन्होंने कहा कि कोटा में आयोजित ‘ग्राम‘ में कृषि विशेषज्ञों से मिली जानकारी को खेती में अपनाएं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में काश्तकार फसल पैदा करने तक ही सीमित नहीं रहे और खाद्य प्रसंस्करण को भी अपनाएं, जिससे उनकी उपज के दाम में वृद्धि हो सके।
ग्राम में सार्वजनिक निर्माण मंत्री युनूस खान ने कहा कि पर्यटन का दूसरा नाम आकर्षण है। यदि प्रदेश का किसान तकनीकी मदद से अपनी फसल, उत्पाद को पेश करना, ब्रांडिग करना सीख जाए तो राजस्थान कृषि पर्यटन में भी अपनी धाक जमा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सरकार और वैज्ञानिक मिलकर किसानों को इस क्षेत्र में अग्रणी बनाने के प्रयास करेगी।
प्रदेश के पीएचईडी मंत्री सुरेन्द्र गोयल ने जाजम में किसानों से कहा कि किसान को खेती के साथ पशुपालन भी करना चाहिए, जिससे वे आत्मनिर्भर होकर अन्य स्त्रोत से भी आय अर्जित कर सके। उन्होंने कहा कि किसान खेती के साथ पशुपालन करेगा तो 12 मास रोजगार व आर्थिक उपार्जन संभव है क्योंकि खेती के लिए तो फसल चक्र पर निर्भर रहना पड़ता है। इस प्रकार यदि खेती व पशुपालन को सम्मिलित रूप से किया जाएगा तो किसानों की कई समस्याओं का निस्तारण हो जाएगा।