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गरीबी का ऐसा मजाक, घरों के बाहर लिखा 'मैं गरीब हूं'

Thu, 22 Jun 2017 05:31 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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दौसा पंचायत समिति क्षेत्र में एक घर के बाहर लिखा - फोटो : amar ujala
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कई बार लोगों को यह कहते सुना है कि गरीबी एक अभिशाप है। आज के युग में जयपुर से करीब 60 किलोमीटर दूर के गांवों में देखकर यह सही लगता है। यहां सरकारी मदद लेने के लिए घरों के बाहर बाकायदा लिखवाया गया है कि मैं गरीब हूं।
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मामला, राजस्थान के दौसा जिले में आने वाले सिकराय और बांदीकुई तहसील के हजारों घरों से जुड़ा हुआ है। यहां राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून(एनएफएसए) के तहत राशन लेने वाले परिवारों के घरों के बाहर दीवार पीले रंग से चौखाने पुते हुए हैं जिन पर लाल अक्षरों में साफ-साफ लिखवाया गया है कि मैं गरीब हूं।

यह लिखावट परिवारों ने नहीं, बल्कि प्रशासन की ओर से करवाई गई है। जिसे देखकर यह साफ झलकता है कि सरकार और प्रशासन गरीबों को लेकर कितना निष्पक्ष है। प्रशासन ने भले ही यह लिखावट अपात्र लोगों को राशन और गरीबों की योजनाओं से बाहर करने के लिए किया हो ताकि पात्र परिवारों की पहचान की जा सके, लेकिन आज इसका परिणाम इन परिवारों पर भारी पड़ रहा है।
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जिन घरों के बाहर ऐसा लिखवाया गया है आज वे लोग अपने आपको प्रशासन की इस कारगुजारी के कारण शर्मिन्दा महसूस करते हैं। लोगों का कहना है कि सरकार की ओर से लगाया गया ये गरीबी का ठप्पा उनकी इज्जत के बट्टा लगा रहा है।
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गरीबी का ठप्पा लगा दिया है सरकार ने

दौसा जिले में एक घर के बाहर ये लिखा - फोटो : amar ujala
हालात ये हैं कि कई बार तो शादी-विवाह के अवसर पर काफी दिक्कत उठानी पड़ती है। समाज में भी कई लोग उन्हें हेय दृष्टि से देखते हैं। दौसा जिले में ऐसे परिवारों की संख्या करीब पचास हजार है जिन्हें खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ मिलता है। इनमें कई घरों के बाहर यह लिखवाया गया है कि 'मैं गरीब परिवार से हूं और एनएफएसए से गेहूं लेता हूं।'

उधर, जब इस मामले में अधिकारियों को अवगत कराया गया तो उनका कहना है कि उन्होंने पात्र लोगों को खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ मिल सके इसकी पहचान करने के लिए बोर्ड लगवाएं थे। फिर भी यदि गरीबों को अपमानित करने वाले शब्द लिखे गए हैं तो इस सम्बंध में जल्द ही उचित कार्यवाही की जाएगी।

दौसा जिला परिषद सीईओ राजेन्द्र सिंह कविया का इस बारे में कहना है कि बीपील परिवारों के घरों के बाहर क्रमांक और नाम लिखवाने का आदेश है लेकिन फिर भी यदि कहीं गरीब को दर्शाते हुए कुछ लिखा गया है तो उसे दिखवाया जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक खाद्य एवं रसद विभाग की ओर से बीपीएल परिवारों को दर्शाने के लिए इस तरह की लिखावट करवाने का कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। ये केवल अधिकारियों के स्तर पर ही पात्र-अपात्र में फर्क करने में सहूलियत रहने के लिए ऐसा किया जा रहा है।​ प्रदेशभर में करीब 4 करोड़ 37 लाख लोग बीपीएल का लाभ उठा रहे हैं।
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