दौसा पंचायत समिति क्षेत्र में एक घर के बाहर लिखा
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कई बार लोगों को यह कहते सुना है कि गरीबी एक अभिशाप है। आज के युग में जयपुर से करीब 60 किलोमीटर दूर के गांवों में देखकर यह सही लगता है। यहां सरकारी मदद लेने के लिए घरों के बाहर बाकायदा लिखवाया गया है कि मैं गरीब हूं।
मामला, राजस्थान के दौसा जिले में आने वाले सिकराय और बांदीकुई तहसील के हजारों घरों से जुड़ा हुआ है। यहां राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून(एनएफएसए) के तहत राशन लेने वाले परिवारों के घरों के बाहर दीवार पीले रंग से चौखाने पुते हुए हैं जिन पर लाल अक्षरों में साफ-साफ लिखवाया गया है कि मैं गरीब हूं।
यह लिखावट परिवारों ने नहीं, बल्कि प्रशासन की ओर से करवाई गई है। जिसे देखकर यह साफ झलकता है कि सरकार और प्रशासन गरीबों को लेकर कितना निष्पक्ष है। प्रशासन ने भले ही यह लिखावट अपात्र लोगों को राशन और गरीबों की योजनाओं से बाहर करने के लिए किया हो ताकि पात्र परिवारों की पहचान की जा सके, लेकिन आज इसका परिणाम इन परिवारों पर भारी पड़ रहा है।
जिन घरों के बाहर ऐसा लिखवाया गया है आज वे लोग अपने आपको प्रशासन की इस कारगुजारी के कारण शर्मिन्दा महसूस करते हैं। लोगों का कहना है कि सरकार की ओर से लगाया गया ये गरीबी का ठप्पा उनकी इज्जत के बट्टा लगा रहा है।