राम रहीम की राजदार हनीप्रीत को देखते ही एक स्थानीय पत्रकार ने पुलिस को सूचना दे दी थी। लेकिन पुलिस की उदासीनता के कारण वह बच निकली और कई राज्यों की पुलिस को छकाते हुए नेपाल पहुचने में कामयाब हो गई।
सूत्रों के अनुसार गत 25 अगस्त को पंचकुला सीबीआई कोर्ट ने जब राम-रहीम को दोषी करार दिया था, तो उसके बाद हनीप्रीत सीधे नेपाल नहीं गई थी। उनके अनुसार फरार हनीप्रीत हरियाणा के जींद होते हुए राजस्थान के कई शहरों में पनाह लेकर रही है।
सूत्रों के अनुसार फरारी काट रही हनीप्रीत को राजस्थान के पंजाब से सटे हनुमानगढ़ जिले में देखा गया था, देखने वाले स्थानीय पत्रकार ने हनीप्रीत के यहां होने की सूचना भी राजस्थान पुलिस को दे दी थी। लेकिन पुलिस ने इस सूचना पर ध्यान ही नहीं दिया।
हनुमानगढ़ शहर के नजदीक संगरिया कस्बे में स्थानीय पत्रकार के सामने ही हनीप्रीत एक दुकान तक गई और उसने पीने के लिए पानी की बोतल खरीदी थी। मौके से ही पुलिस को सूचना दी गई थी।
नेपाल में हनीप्रीत को दो लोगों ने पहचाना
Ram Rahim With Honeypreet Insan
- फोटो : File Photo
सूत्रों के अनुसार हनीप्रीत राजस्थान के तीन शहरों में ठिकाने बदलती रही। इसके बाद वह यहां से सीधे उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी होते हुए नेपाल पहुंच गई। राम-रहीम के करीबी रहे और उदयपुर से पकड़े गए प्रदीप गोयल के हरियाणा पुलिस को जानकारी देने के बाद ही पुख्ता हुआ है कि वह नेपाल में ही है।
वहीं अब प्रदीप गोयल से पुलिस की पूछताछ में हनीप्रीत के नेपाल में होने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस आगे की जांच कर रही है। जिसमें पता लगा है कि हनीप्रीत ने काठमांडू से 60 किमी दूर पनाह ले रखी थी।
सूत्रों से यह जानकारी हासिल हुई है कि हनीप्रीत को नेपाल में देखा गया है। हनीप्रीत की फोटो जब स्थानीय लोगों को दिखाई गई तो दो लोगों ने बताया है कि बीते दो सितंबर तक हनीप्रीत उनके नजदीक के मकान में ही थी लेकिन उसके बाद से वह गायब है।
टैक्सी और बुर्के के सहारे पुलिस से यूं बचती फिर रही है हनीप्रीत
Honeypreet Insan
वहीं कुछ लोगों ने हनीप्रीत को काठमांडू के नजदीक स्थित एक पेट्रोल पर बुर्के में भी देखा। पुलिस के सूत्र बताते है कि हनीप्रीत ने अपना हुलिया पूरी तरह बदल लिया है। यहीं नहीं वह नेपाल में निजी कार में नहीं बल्कि टैक्सी में घूम रही है।
इस बात को वहीं के स्थानीय लोगों ने कंफर्म किया है। जानकारी के अनुसार हनीप्रीत के पास एक मोबाइल सहित अन्य कई ऐसे सबूत है जिससे डेरा प्रमुख की मुसीबतें और बढ़ सकती है।