शहर में बढ़ रहे अपराधों को लेकर आज हाईकोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए चिंता जताई है। कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर को भी तलब किया और आवश्यक दिशा—निर्देश दिए।
दरअसल, आज राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के दौरान प्रसंज्ञान लेते हुए पुलिस कमिश्नर जोधपुर को तत्काल कोर्ट में तलब किया। हाईकोर्ट जस्टिस गोपालकृष्ण व्यास व जस्टिस मनोज गर्ग की खंडपीठ में आज पुलिस कमिश्नर अशोक राठौड, डीसीपी समीरसिंह सहित पुलिस अधिकारी व एएजी शिवकुमार व्यास कोर्ट पहुंचे। जस्टिस व्यास ने मौखिक रूप से टिप्पणी करते हुए कहा कि जोधपुर के क्या हाल हो गए हैं, अपराध बढ़ रहा है, अपहरण हो रहे हैं, बालक-बालिकाए गायब हो रहे हैं।
सबसे बड़ी घटना राह चलते लोगों के साथ एमबीबीएस के स्टूडेंट्स द्वारा अभद्रता किया जाना है। इस पर कोर्ट में मौजूद शिकायतकर्ता दम्पती ने कहा कि हमने ही अपनी शिकायत वापस ली है क्योंकि स्टूडेंट्स के भविष्य का सवाल था और इन्होंने माफी भी मांगी थी। इस पर कोर्ट ने कहा कि ये आपके नहीं बल्कि पूरे समाज के खिलाफ अपराध है और पुलिस कमिश्रनर को निर्देश दिए गए कि इन चारों स्टूडेंट्स के खिलाफ मेडिकल कॉलेज के प्रिसिंपल को लिख कर भेजें।
इस दौरान पुलिस कमिश्नर ने कहा कि प्रिंट मीडिया कुछ भी प्रकाशित कर देते हैं ऐसे में हम क्या करें। इस पर कोर्ट ने कहा कि मीडिया को हम कुछ नहीं कह सकते हैं, लेकिन अपराध पर अंकुश तो लगाया जा सकता है। शहर में छात्रसंघ चुनाव अभी हुए भी नहीं, लेकिन शहर में पोस्टर लग रहे हैं, आखिर कहां से आता है पैसा। कोर्ट ने कहा कि लगता है सरकार कुछ नहीं करेगी कोर्ट को ही प्रसंज्ञान लेकर चुनाव पर रोक लगानी होगी।