राजस्थान हाईकोर्ट ने भगवान महावीर कैंसर अस्पताल में संचालित दवाईयों की दुकान को बंद करने के लिए जेडीए की ओर से जारी नोटिस की क्रियान्विती पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने प्रथमदृष्टया माना है कि दुकान का संचालन लाभ के लिए नहीं है। यदि इसे बंद किया जाएगा तो हजारों मरीजों की जान को खतरा होगा। न्यायाधीश इन्द्रजीतसिंह की एकलपीठ ने यह आदेश भगवान महावीर कैंसर अस्पताल की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में कहा गया कि ट्रस्ट की ओर से 1997 से कैंसर अस्पताल का संचालन किया जा रहा है। जिसमें सालना एक लाख दस हजार मरीज आते हैं। इसके अलावा करीब आठ से दस हजार मरीज सालाना भर्ती होते हैं। अस्पताल संचालन के नियमों के तहत अस्पताल परिसर में मेडिकल की दुकान खोली जा सकती है।
अस्पताल परिसर में दुकान लाभ के लिए संचालित नहीं है। पूर्व में राज्य सरकार और लोकायुक्त अस्पताल प्रशासन को क्लीन चिट दे चुके हैं। ऐसे में जेडीए की ओर से गत दिनों दुकान को बंद करने का नोटिस अवैध है। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने दुकान बंद करने के जेडीए आदेश पर रोक लगा दी है।