फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिना कारण पीएचडी प्रवेश रद्द करने पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

Sat, 13 Jan 2018 08:11 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
राजस्थान हाईकोर्ट ने बिना कारण बताए छात्रा का पीएचडी प्रवेश रद्द करने पर झुंझुनूं की जगदीश प्रसाद झाबरमल टिबरेवाल विश्वविद्यालय के चांसलर सहित अन्य से जवाब तलब किया है।
विज्ञापन


न्यायाधीश आलोक शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश नेहा जैन की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता भरत सैनी ने अदालत को बताया कि अप्रैल 2016 में याचिकाकर्ता ने प्रवेश परीक्षा के जरिए विवि में दो साल के पीएचडी पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया था। याचिकाकर्ता को गाइड आवंटित किया गया। जब याचिकाकर्ता ने गाइड से संपर्क किया तो वे मुम्बई निवासी निकले। गाइड ने याचिकाकर्ता को बताया कि नियमानुसार विवि के नियमित शिक्षक ही गाइड हो सकते हैं, जबकि वे रिटायर्ड शिक्षक हैं।

इस पर याचिकाकर्ता ने पुन: विवि से संपर्क किया। विवि ने गत तीस नवंबर को बिना कोई कारण बताए याचिकाकर्ता का प्रवेश रद्द कर दिया और फीस लौटाने से इनकार कर दिया। याचिका में कहा गया कि कोर्स की अवधि अप्रैल माह में पूरी हो रही है। ऐसे में अब उसका प्रवेश रद्द करना अवैध है। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने विवि चासंलर सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें