खराब परफॉर्मेंस और ढीले रवैये रखने वाले अधिकारियों को सरकार ने अनिवार्य सेवानिवृति देने की तैयारी कर ली है। इसे लेकर करीब 22 आईपीएस अधिकारियों के नाम पर चर्चा हुई, जिसमें से छह अधिकारियों को बाहर निकालने की तैयारी करीब करीब हो चुकी है। उन्हें किसी भी समय अनिवार्य सेवानिवृति दी जा सकती है।
दरअसल, राजस्थान में मौजूद नौकरशाही के ढीले रवैये के चलते सरकार की ओर से यह कदम उठाया जा रहा है। इसके लिए आज सचिवालय में एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीजीपी, डीओपी सेकेटरी, चीफ सेकेटरी मौजूद थे।
बैठक में ऐसे 22 आईपीएस अफसरों के नाम पर चर्चा हुई, जिन्हें इस कैटेगिरी में रखा गया था। उनके नाम पर चर्चा के बाद ऐसे छह नाम तय किए गए हैं, जिन्हें अनिवार्य सेवानिवृति दे दी जाएगी।
बताया जा रहा कि प्रशासनिक मशीनरी को दुरुस्त कहने के लिए मौजूदा ब्यूरोकेसी को चुस्त दुरुस्त रखने की कवायद है. जिससे सरकार की सारी योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी रूप से हो, साथ ही योजनाओं का लाभ जन जन तक पहुंच सके। इसके लिए जो इस प्लानिंग में फिट नहीं बैठते, उन अधिकारियों को सेवानिवृति दे दी जाएगी।