बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश सुनने में जितना अच्छा लगता है उसकी जमीनी हकीकत उतनी ही कष्ट पहुंचाने वाली है। इसका उदाहरण देखने को मिला है राजस्थान की राजधानी जयपुर में।
यहां शहर के बीचों-बीच स्थित एक सरकारी महारानी उच्च माध्यमिक स्कूल में छात्राओं के लिए आई साइकिलें कबाड़ में तब्दील हो रही है। राजस्थान के स्कूली शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी दो दिन पूर्व ही बेहतरी सरकारी शिक्षा प्रणाली के लिए अपनी पीठ ठोंक चुके है।
लेकिन राजधानी जयपुर के एक बड़े स्कूल में कबाड़ में बदल रही करीब 42 लाख रुपए कीमत की साइकिलों की कोई सुध लेने वाला नहीं दिख रहा है। सरकारी स्कूल में छात्राओं की संख्या बढ़े और उन्हें आने में सुविधा हो इसके लिए करीब 3300 रुपए की कीमत वाली ये साइकिलें वितरित की जानी है।