जयपुर जिले के अतिरिक्त सत्र न्यायालय क्रम-4 ने भरतपुर के गोपालगढ़ कस्बे में हुए साम्प्रदायिक दंगे के मामले की सुनवाई भरतपुर की स्थानीय अदालत में भेजने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि प्रकरण को स्थानान्तरित कराने को लेकर 2012 में अदालत के समक्ष प्रार्थना पत्र पेश किया गया था, जिसे अदालत खारिज कर चुकी है। ऐसे में अदालत अपने पूर्व के आदेश में बदलाव नहीं कर सकती।
आरोपी जमालुद्दीन की ओर से अदालत में प्रार्थना पत्र पेश कर कहा गया कि हाईकोर्ट की खंडपीठ ने बाबू खां के मामले में तय किया है कि जिस थाना इलाके में अपराध हुआ है, उसकी ट्रायल उसी थाना क्षेत्र की संबंधित अदालत में चलेगी, चाहे जांच एजेन्सी कोई भी रही हो। प्रार्थना पत्र में कहा गया कि हाल ही में दारासिंह एनकाउंटर मामले को भी इसी आधार पर शहर के सत्र न्यायालय में भेजा जा चुका है। जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।
गौरतलब है कि 14 सितंबर 2011 को गोपालगढ़ में हुई इस घटना में दस लोगों अब्दुल रहमान, ईशा, जाकिर, इरफान, खुर्शीद, रुकमुद्दीन, शब्बीर, इकबाल, मुबारिक और जावेद की मौत हो गई थी और 45 लोग घायल हुए थे। घटना को लेकर तत्कालीन कामां विधायक जाहिदा खान और नगर विधायक अनिता सिंह सहित कुल 64 लोगों को आरोपी बनाया गया है।