राजस्थान हाईकोर्ट में मंगलवार को राज्य सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया कि विधि विज्ञान प्रयोगशाला में खाली चल रहे पदों पर जल्दी नियुक्तियां कर दी जाएगी।
राज्य सरकार की ओर से दिए आश्वासन को रिकॉर्ड पर लेते हुए अदालत ने मामले की सुनवाई 2 अप्रैल तक टाल दी। न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और न्यायाधीश गोरर्धन बाढ़दार की खंडपीठ ने यह आदेश प्रकरण में लिए गए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान पर सुनवाई करते हुए दिए।
सुनवाई के दौरान न्यायमित्र पंकज गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार की रिपोर्ट से स्पष्ट है कि एफएसएल जांच के लंबित प्रकरणों की संख्या कुछ डिवीजन में बढ़ी है। इसके अलावा एफएसएल जांच की मशीनें भी पुरानी हो गई है। ऐसे में जांच के लिए नई मशीने मंगाई जानी चाहिए। इसके जवाब में राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि खाली पदों पर नियुक्ति के बाद ही नई मशीने मंगाई जाएंगी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने मामले की सुनवाई 2 अप्रैल को तय की है। गौरतलब है कि एफएसएल जांच रिपोर्ट में देरी होने और संसाधनों की कमी को लेकर हाईकोर्ट ने गत दिनों स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लिया था।