फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पर्सनल लाइफ में टेंशन, नहीं बढ़ रही टाइगर की फैमिली

Fri, 11 Aug 2017 07:31 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
टाइगर प्रोजेक्ट एरिया में टाइगर्स टेंशन में हैं। इस बड़ी टेंशन से उनका हार्मोनल बैलंस बिगड़ गया और वे अपना कुनबा नहीं बढ़ा पा रहे है। 
विज्ञापन


राजस्थान के सरिस्का टाइगर प्रोजेक्ट एरिया के बारे में आई एक ताजा रिपोर्ट ने सरकार और वाइल्ड लवर्स को सकते में डाल दिया है। भारतीय वन्य जीव संस्थान (WII) ने यहां पर टाइगर की आबादी नहीं बढ़ने की स्थितियों को देखते हुए हैदराबाद की प्रयोगशाला में टाइगर्स के स्कैट(मल) की जांच करवाई। 

इसमें सामने आया है कि सरिस्का के बाघ-बाघिनों में ग्लूकोकॉर्टिकोइड्स हार्मोन्स की मात्रा 80 नैनोग्राम पाई गई। वहीं, अन्य चार टाइगर रिजर्व के बाघ-बाघिनों में इसकी मात्रा 40 से भी कम थी। यानि सरिस्का के बाघ-बाघिनों में ग्लूकोकॉर्टिकोइड्स हार्मोन्स बढ़ा हुआ है। रिसर्च करने वाले साइंटिस्ट्स का मानना है कि टाइगर्स में टेंशन बढ़ने से यह हार्मोन बढ़ा है। डब्ल्यूआईआई ने देश के पन्ना, बांधवगढ, कान्हा, रणथंभौर और सरिस्का टाइगर रिजर्व को रिसर्च में शामिल किया था। जिसमें पाया गया कि सरिस्का में टाइगर्स ज्यादा टेंशन में हैं।
विज्ञापन

 

टेंशन में टाइगर: वजह ये सामने आई है

सरिस्का टाईगर रिर्जव - फोटो : demo pic
दरअसल सरिस्का टाइगर प्रोजेक्ट एरिया में कई धार्मिक स्थल है। कुछ गांव भी अभी बसे हुए है। इसके साथ ही यहां सैलानियों की आवाजाही भी बढ़ी हैं। इन सभी कारणों से यहां मानवीय हस्तक्षेप बढ़ा है। ऐसे में यहां बाघ-बाघिनों को प्राइवेसी नहीं मिल पाती और इससे हार्मोनल बैलंस बिगड़ रहा है। उनमें तनाव के कारण ग्लूकोकॉर्टिकोइड्स हार्मोन्स बढ़ रहा है। 

गौरतलब है कि अंधाधुंध शिकार के कारण टाइगर विहिन होने का दंश झेल चुके सरिस्का में बाघों का पुनर्वास किया गया। उसके बाद उम्मीद की जा रही थी कि यहां इनकी आबादी बढ़ेगी, पर ऐसा नहीं हुआ। केवल एक बाघिन एसटी 9 ही गर्भवती हुई। उसने करीब सालभर पहले शावकों को जन्म दिया। इसका एक ​शावक कुछ महीने पहले यहां देखा गया था। अभी यहां पर कुल 14 बाघ-बाघिन हैं। इनमें पांच बाघ और नौ बाघिन हैं।  
विज्ञापन

रिपोर्ट से टेंशन में आए मंत्री, ये दिए निर्देश

गजेन्द्र सिंह खींवसर
राजस्थान के वन एवं पर्यावरण मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर आज सरिस्का पहुंचे और अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में टाइगर्स को तनाव मुक्त करने के लिए सरिस्का में बसे गांवों को यहां से बाहर शिफ्ट करने के लिए पैकेज तैयार किया गया। जिसमें ये रखा गया है कि ग्रामीणों को खेती के लिए जमीन, आवास और चिकित्सा-स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के साथ विस्थापित किया जाएगा। मंत्री खींवसर ने बताया कि फिलहाल 3 गांवो को इस प्रोजेक्ट में लिया गया है। 

मंत्री खींवसर ने बताया कि सरिस्का के विकास के लिए 99 करोड़ का प्रोजेक्ट बना कर काम किया जा रहा है। साथ ही, सरिस्का को पर्यटन हब बनाने की कयावद भी शुरू की जा रही है। जिसके बाद ग्रामीणों को विस्थापित किया जाएगा और सरिस्का में 100 बाघ रह सकते हैं इसके लिए प्रयास किये जा रहे हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें