महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन के बाद राजस्थान में किसान एकजुट हो रहें है। लेकिन राज्य सरकार के मंत्री आंदोलन की घोषणा को हल्के में ले रहें है।
राजस्थान में 15 जून से आठ स्थानों पर भारतीय किसान संघ के बैनर तले आंदोलन प्रारंभ होगा। सोमवार को जहां एक ओर जयपुर में किसान संघ इसकी जानकारी दे रहा था वहीं दूसरी और सरकार के सामान्य प्रशासन मंत्री हेमसिंह भडाणा अलग ही राग अलाप रहे थे।
मंत्री का कहना था कि राजस्थान में किसानों की कोई मांग नहीं है और यहां आंदोलन की बातें केवल राजनीतिक लोग कर रहें है। हालांकि सोमवार को ही राज्य सरकार ने किसानों से लहसुन खरीदने का फैसला कर उन्हें कुछ खुश करने का प्रयास अवश्य किया है।
लेकिन किसानों की अन्य मांगों को लेकर राजस्थान सरकार अभी तक चुप ही है। वहीं दूसरी और महाराष्ट्र सरकार ने अपने राज्य के किसानों के ऋण माफ करने की घोषणा करने के बाद राजस्थान सरकार पर अब दबाव बढ़ गया है।