राजस्थान हाईकोर्ट ने निशक्तजन को आरक्षण का लाभ नहीं देने पर प्रमुख कार्मिक सचिव को 18 दिसंबर को पेश होने के आदेश दिए हैं।
अदालत ने पूछा है कि निशक्तजन अधिनियम, 2016 की गाइड लाइन बनाकर इसके प्रावधानों को लागू क्यों नहीं किया। न्यायाधीश एसपी शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश राकेश कुमार स्वामी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता बिजली विभाग में कार्यरत है। निशक्तजन होने के बावजूद उसे निशक्तजन अधिनियम, 2016 का लाभ नहीं मिल रहा है। अधिनियम के लागू होने के बावजूद राज्य सरकार ने अधिनियम की क्रियान्विति के लिए अभी तक नियम नहीं बना है। जिसके चलते निशक्तजनों को पदोन्नति में आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस पर अदालत ने प्रमुख कार्मिक सचिव को पेश होकर बताने को कहा है कि अधिनियम के प्रभावी होने के बावजूद क्रियान्विति के नियम क्यों नहीं बनाए गए।