संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावती' को लेकर घमासान जारी है। एक तरफ जहां सेंसर बोर्ड ने फिल्म को लौटा दिया है वहीं दूसरी तरफ बयानों के तीर लगातार चल रहे हैं।
राजस्थान की राजनीति में राजपूत समाज पर खासा असर रखने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी ने बयान देकर सनसनी मचा दी है। भाटी का कहना है कि अगर फिल्म रिलीज हुई तो भारी खून खराबा हो सकता है।
उन्होंने कहा कि ये भाटी ने कहा कि इस तरह की फिल्म बनाने वाले निर्माता को सबक सिखाना बेहद जरूरी है। फिल्म किसी भी हालत में जनता के सामने नहीं आ सकती। ये फिल्म रिलीज नहीं होगी, तो आगे से फिल्म बनानेवाले गौरवशाली इतिहास से छेड़छाड़ करने में हजार बार सोचेंगे।
उनका कहना है कि किसी भी समाज की परम्पराओं और गौरव से किसी भी तरह की छेड़छाड़ सहन नहीं होगी, यह गलत है।
कालवी कर चुके हैं विरोध
राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह कालवी
इससे पहले आज श्रीराजपूत करणी सेना के संरक्षक लोकेंद्र सिंह कालवी ने पत्रकारों से कहा कि जिस फिल्म को सेंसर बोर्ड ने ही नहीं देखा, उसे हम फिल्म ही नहीं मानते। इस कारण उस फिल्म में हम क्या देखें?
इधर, भंसाली ने राजपूत करणी सेना के पदाधिकारियों को फिल्म देखने के लिए सहमति दी है। लेकिन कालवी ने कहा है कि जिस फिल्म को फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने पहली बार में ही वापस लौटा दिया हो उसे देखना हम कैसे स्वीकार कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि हम वो फिल्म देखेंगे, जिसे सेंसर बोर्ड द्वारा रिलीज करने की स्वीकृित प्रदान होगी। हमारी गुहार भी संजय लीला भंसाली से नहीं है। हमने सेंसर बोर्ड और सूचना व प्रसारण मंत्रालय से इस फिल्म को बारीकी से देखने और कोई निर्णय करने को कहा है। जब वे कहेंगे, तो हम फिल्म जरूर देखेंगे।