राजस्थान में बाल-विवाह और दहेज प्रथा की जड़ें काफी गहरी है। लेकिन जोधपुर के आहोर में हुई एक शादी ने समाज चिंतकों और लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया है। क्योंकि दुल्हन के पिता ने दहेज में एम्बूलेंस दी।
आहोर निवासी तख्तसिंह राजपुरोहित अपने बेटे की बारात चवरछा गांव लेकर पहुंचे। गांव में बारातियों का खूब आवभगत हुआ। शादी की रस्में पूरा होने के बाद जब तोहफे देखने की बारी आई तो दूल्हे सहित पूरा गांव आश्चर्यचकित हो गया। जब दुल्हन के पिता से इस तोहफे का कारण पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उन्होंने यह तोहफा अपने गुरू के कहने पर दिया है। यह एम्बूलेंस मानव सेवा के काम आएगी। अपने गुरु ध्यानाराम की प्रेरणा से बेटी के पिता ने यह अनोखा उपहार दिया है।
इस उपहार की चर्चा आपसपा के कई गांवों तक में है। वहीं दूल्हा—दुल्हन इस अनोखे उपहार को पाकर काफी खुश है। दूल्हे के पिता तख्तसिंह का कहना है कि यह एम्बूलेंस बहुत लोगों के काम आएगी। उनका कहना है कि वे इस तोहफे से बहुत खुश है। क्योंकि पैसा या अन्य वस्तुएं सिर्फ एक व्यक्ति के काम आती जबकि यह एम्बूलेंस पूरे गांव के काम आएगी और मानव सेवा का पुण्य भी उन्हें मिलेगा।