एक दूल्हा बैंक मैनेजर और दूसरा इंजीनियर, दोनों ने बिना दहेज शादी कर समाज के सामने मिसाल पेश की है। साथ ही उन्होनें वरमाला से ठीक पहले एक नेक काम और किया।
सीकर के झाझड निवासी अरविंद सैनी की दो बेटियां दीक्षा और दामिनी की शादी धूमधाम हुई। ये शादी बिना दहेज के हुई। दोनों के दूल्हों ने दहेज लेने से मना कर दिया। साथ ही वरमाला से पहले 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' का संदेश भी दिया।
दोनों का मानना था कि दहेज जैसी सामाजिक बुराई व कुप्रथा को त्यागने के लिए युवाओं को ही शुरुआत करनी होगी ताकि शादी में होने वाली फिजूलखर्ची को रोका जा सके। दुल्हनों का मानना है कि बिना दहेज की शादी होने से बेटियों को संरक्षण मिलेगा।