राजस्थान हाईकोर्ट ने शिक्षक भर्ती-2013 में चयनित शिक्षक को नियमित वेतन श्रंखला का लाभ नहीं देने पर राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि वह शिक्षक को तीन माह में एरियर सहित वेतन का भुगतान करे। ऐसा नहीं करने पर अदालत ने इस राशि पर ब्याज अदा करने को कहा है।
न्यायाधीश वीएस सिराधना की एकलपीठ ने यह आदेश मुकेश कुमार सैनी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता को शिक्षक पद पर नियुक्त हुए करीब ढाई साल हो चुके हैं। इसके बावजूद उसे अभी तक नियमित वेतन श्रंखला का लाभ नहीं दिया गया है और न ही उसका स्थायीकरण हुआ है। राज्य सरकार का यह कृत्य समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत के खिलाफ है।
याचिका में गुहार की गई है कि उसका स्थायीकरण करने के साथ-साथ बकाया एरियर का भुगतान किया जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने तीन माह में एरियर सहित बकाया भुगतान करने के आदेश दिए हैं।