राजस्थान हाईकोर्ट ने वनस्थली विद्यापीठ को सिंधी कैंप बस स्टैंड के पास आवंटित भूमि के आवंटन को निरस्त करने के मामले में पेश अपील को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही अदालत ने जेडीए को कहा है कि वह इस भूमि पर किसी अन्य पक्षकार का अधिकार सृजित ना करे।
न्यायाधीश अजय रस्तोगी और न्यायाधीश अशोक गौड़ की खंडपीठ ने यह आदेश वनस्थली विद्यापीठ की ओर से दायर अपील पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए।
मामले के अनुसार वनस्थली विद्यापीठ को 1951 में सिंधी कैंप के पास दी गई 8 हजार 088 वर्गगज भूमि का जेडीए ने 6 जून 2014 को आवंटन रद्द कर दिया था। हाईकोर्ट में मामला आने पर एकलपीठ ने गत दिनों याचिका खारिज कर आवंटन रद्द करने को सही माना था। इस आदेश के खिलाफ वनस्थली विद्यापीठ की ओर से अपील दायर की गई।