राजस्थान के प्रसिद्ध चित्तौड़गढ़ दुर्ग के विकास की योजना को गति मिलेगी। यहां विकास के साथ—साथ सैलानियों के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसमें इंडियन आॅयल फाउंडेशन भी सहयोग देगा।
नई दिल्ली में बृहस्पतिवार को केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने बताया कि सांसद सी.पी.जोशी के प्रस्ताव पर इण्डियन ऑयल फाउण्डेशन ने 9.50 करोड़ रुपए यहां विकास के लिए देने पर अपनी स्वीकृति दी है। इस राशि से विश्व विरासत चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर पर्यटकों की सुविधा के लिए पीने के पानी की उपलब्धता, वीआईपी लॉन्ज, इन्टरप्रिशन सेंटर, टॉइलेट ब्लाक, रेनवाटर शेल्टर, केफेटेरिया,लैण्डस्केपिंग आदि कार्य होंगे। इससे यहां पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो सकेगी।
इससे पहले पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय ने भी दुर्ग को हेरिटेज सर्किट में सम्मिलित करते हुए 11.50 करोड़ के विकास कार्य प्रस्तावित किए है, जिनके इस वर्ष के अन्त तक स्वीकृत होने की संभावना है। आई.आई.एफ.सी.एल. ने भी नेशनल कल्चरल फण्ड के माध्यम से 2.60 करोड़ के विकास कार्य मंजूर किए है।
इस तरह विभिन्न स्तर पर मिलने वाली राशि में से चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर तोप खाना परिसर के निकट 30 लाख रुपए की लागत से पार्किंग, 10 लाख रुपए की लागत से कालिका माता मंदिर के सामने विकास कार्य, 10 लाख रुपए से हाथी कुण्ड का विकास, 15 लाख रुपए से सूरजपोल द्वार पर पाथवे निर्माण, सात लाख रुपए से चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर 7 किमी लम्बी रेलिंग का निर्माण आदि कार्य करवाएं जाएंगे।