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राजस्थान की रिफाइनरी पर नजर आ रहे संकट के बादल, सरकार से मांगा जवाब

Thu, 09 Nov 2017 07:07 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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राजस्थान के बाड़मेर में स्थापित होने वाली रिफाइनरी पर एक बार फिर संकट के बादल नजर आ रहे हैं। सांभरा आशापुरा नमक संघ की ओर से मामले में स्थगन प्रार्थना पत्र पेश किया गया है।
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इस पर हाईकोर्ट जस्टिस निर्मलजीत कौर की अदालत ने सुनवाई करते हुए एचपीसीएल कम्पनी व राज्य सरकार से जवाब मांगा। कम्पनी व सरकार की ओर से जवाब के लिए कुछ मोहलत मांगी गई जिस पर कोर्ट ने 27 नवम्बर तक वक्त दिया है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता राकेश अरोडा ने कहा कि बाड़मेर के पचपदरा में परम्परागत प्रकृति पर निर्भर नमक उद्योग के लिए निर्धारित रिजर्व भूमि होने के बावजूद गलत तरीके से रिफाइनरी के लिए एचपीसीएल कम्पनी को भूमि आवंटित की गई है।

याचिकाकर्ताओं की ओर से गलत तरीके से नमक क्षेत्र की भूमि रिफाइनरी के लिए आवंटित होने और उस पर निर्माण कार्य किए जाने पर स्थगन के लिए याचिका पेश की है। हाईकोर्ट द्वारा राज्य सरकार एवं एचपीसीएल कम्पनी से जवाब मांगा गया, लेकिन आज जवाब पेश नहीं किया गया। अब हाईकोर्ट ने सख्त निर्देश दिए हैं कि 27 नवम्बर को जवाब पेश किया जाए।
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