उसने पत्नी पर ऐसे ऐसे इल्जाम लगाए कि पत्नी ने अवसाद में आकर आत्मदाह कर लिया। पति को कोर्ट ने दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
अवैध संबंधों के लांछन और मारपीट से तंग आकर आत्मदाह करने वाली विवाहिता के पति को अजमेर के महिला उत्पीड़न न्यायालय ने दोषी मानते हुए 7 साल के कारावास और जुर्माने की सजा से दण्डित किया।
महिला उत्पीड़न न्यायालय के अपर लोक अभियोजक सीमांत भारद्वाज ने बताया कि 22 मई 2016 को पहाडगंज जटिया कॉलोनी निवासी कौशल्या देवी ने खुद पर केरोसिन छिड़ककर आग लगा ली थी। जेएलएन अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
नशे में करता था मारपीट
आरोपी पति
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कौशल्या ने पर्चा बयान में बताया था कि उसका पति रमेशचंद बेवजह उस पर अवैध संबंधों के लांछन लगाते हुए शराब के नशे में मारपीट करता है। बीच-बचाव में आने वाले उसके बेटे यश के साथ भी मारपीट करता है। रोज की मारपीट व लांछनों से वह तंग आ गई और उसने यह कदम उठाया।
मामले में पुलिस की ओर से चार्जशीट पेश की गई। इसके आधार पर उन्होंने 14 गवाह और 23 दस्तावेज पेश किए। इन सभी के मद्देनजर न्यायाधीश नुसरत बानो ने रमेशचंद को दोषी करार देते हुए आईपीसी की धारा 306 के तहत 7 साल का कारावास व 20 हजार रूपए जुर्माना और आईपीसी की धारा 498ए के तहत 3 साल का कारावास व 10 हजार के जुर्माने से दण्डित किया।