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पानी की चोरी रोकने में बह गया खून, जानिए क्या है पूरा मामला

Sun, 22 Oct 2017 01:14 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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पानी की चोरी...सुनने में भले ही अजीब लग रहा है, लेकिन राजस्थान के इस इलाके में पानी की धड़ल्ले से चोरी होती है। कई बार पानी की चोरी का मामला खून खराबे तक पहुंच जाता है। 
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जैसलमेर में इंदिरा गांधी नहर परियोजना के नहरी इलाकों में पानी चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। यहां खेती और दूसरे कामों के लिए नहरों से पानी चुराते हैं। यहां पानी माफिया के हौंसले अपने रसूखातों के चलते बुलंद हैं। नहर विभाग और पुलिस भी इन पर हाथ डालने से कतराते है। कभी कार्रवाई होती है तो गश्ती दल पर हमला कर उन्हें भागने पर मजबूर कर दिया जाता है। 

ऐसी ही ताजा मामला यहां रामगढ़ के नहरी क्षेत्र में में सामने आया। जहां पानी चोरी रोकने गए गश्ती दल पर करीब आधा दर्जन लोगों ने हमला कर दिया। रामगढ़ थानाधिकारी हरिराम चौधरी ने बताया कि नहरी अधिकारी भाटीया माईनर पर गश्त कर रहे थे। गश्ती दल में चार पुलिसकर्मी शामिल थे। 
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अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गए

झगड़ा - फोटो : अमर उजाला
भाटीया माईनर की 17 आरडी पर अवैध साईफन लगे हुए थे।  उन साईफनों को निकाल नष्ट करते उससे पहले वहां छिपे लोगों ने गश्ती दल के सदस्यों पर हमला कर दिया। इसमें एक पुलिसकर्मी प्रेमदान घायल हो गया। बाद में अंधेरे का फायदा उठा कर आरोपी भाग गए। पुलिस का कहना है कि एक हमलावार की पहचान हुई है। 

कनिष्ठ अभियन्ता गौरव सागर ने बाबुसिंह पुत्र इन्द्रसिंह निवासी भोजराज की ढ़ाणी तथा चार-पांच अन्य के खिलाफ राजकार्य में बाधा पहुंचाने, जानलेवा हमला करने तथा सरकारी सम्पति को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज कराया गया है। 
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