टोपी पहने अनिल उर्फ कुमार जौहरी और दूसरा साथी
- फोटो : Vishnu Sharma
चोरी और नकबजनी की वारदातें करने वाले एक गिरोह का खुलासा कर पुलिस ने एक ऐसे शातिर सरगना को गिरफ्तार किया है, जो कि खुद को कांग्रेस का कथित पदाधिकारी बताता है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी वारदात के लिए रुपयों का लालच देकर किराए पर युवकों को अन्य राज्यों से यहां बुलवाता है और उनसे सूने मकानों में चोरी करवाता है। इसके बाद उन्हें भगा देता है। प्रारंभिक पूछताछ में गिरोह के सरगना और कथित नेता से पिछले तीन माह में दो दर्जन से ज्यादा चोरी व नकबजनी की वारदातों का खुलासा हुआ है।
इस कथित नेता और उसके साथी को राजधानी जयपुर में वैशाली नगर थाना पुलिस पकड़ा है। इसके लिए थानाधिकारी भोपाल सिंह भाटी के नेतृत्व में एएसआई हरबेन्द्र सिंह, कांस्टेबल रणवीर सिंह व महिपाल की टीम गठित की गई थी।
खुद को बताता है कांग्रेस का सचिव
अपनी फोटो के साथ कांग्रेस पार्टी के बैनर-पोस्टर
- फोटो : Vishnu Sharma
डीसीपी पश्चिम अशोक गुप्ता के मुताबिक गैंग का सरगना गिरफ्तार आरोपी अनिल कुमार सोनी उर्फ कुमार साहब जौहरी है। वह हीदा की मोरी, सूरजपोल बाजार जयपुर में सर्वे नंबर 3 में रहता है। वह खुद को जयपुर जिला कांग्रेस कमेटी में सचिव बताता है।
दूसरा आरोपी धनराज उर्फ अमित सोनी है। वह कच्ची बस्ती, सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन के पीछे, हैदराबाद का है और पहले भी चोरी के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। आरोपी अनिल कुमार सोनी भी मूल रुप से हैदराबाद का है।
उसने शहर में कई जगहों पर अपनी फोटो के साथ कांग्रेस पार्टी के बैनर-पोस्टर लगवा रखे हैं, जिनमें उसने खुद को सचिव, कांग्रेस कमेटी बता रखा है। साथ लक्जरी होंडा सिटी कार में घूमता है।
यूं आया पकड़ में
सीसीटीवी
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पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चुराए गए गहने भी बरामद किए गए हैं। एडिशनल डीसीपी रतन सिंह ने बताया कि चोरी की वारदातों को देखते हुए वैशाली नगर में लगभग 80 सीसीटीवी फुटेज खंगाले तब सीसीटीवी फुटेज में आरोपी की कार व एक बाइक का नंबर नजर आया।
तब संदेह होने पर गाड़ी मालिक अनिल सोनी उर्फ कुमार जौहरी पर निगरानी रखी गई। इसके बाद दोनों आरोपियों को पकड़कर पूछताछ शुरू की। जिसमें उन्होंने चोरी की वारदातें करने का खुलासा किया।
थानाप्रभारी भोपाल सिंह भाटी ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि अनिल खुद चोरी करने के बजाए बाहरी राज्यों से शातिर लड़के बुलवाता है। करणी विहार में किराये के कमरे में ठहराने की व्यवस्था करता। इसके बाद वैशाली नगर व आस-पास की पॉश कॉलोनियों में सूने मकानों की रैकी कर रात में उनसे चोरी करवाता। वारदात के बाद चोरी का सामान खुद रखता और गैंग के इन लोगों को किराया भाड़ा और मजदूरी के रुपए देकर वापस भेज देता।