प्रदेश में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने भ्रष्टाचारियों पर शिकंजा कसते हुए एक ही दिन में तीन अलग-अलग जिलों में तीन घूसखोरों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
रिश्वत लेते पकड़े गए घूसखोरों में सहायक उप निरीक्षक (एएसआई), फूड इंस्पेक्टर एवं लिपिक शामिल है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक आलोक त्रिपाठी ने बताया कि डूंगरपुर एसीबी ने कार्रवाई करते हुए बांसवाड़ा पुलिस सदर थाने में कार्यरत एएसआई मोहनकुमार निनामा को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। उसने परिवादी कांतिलाल भील मईड़ा व हवजी भील मईड़ा से मुल्जिम विनोद मईड़ा व राघव मईड़ा को प्रोडक्शन वारंट नहीं लेने एवं अन्य चोरियों के केस में आरोपी नहीं बनाने की एवज में 15 हजार रुपए की मांग की।
प्रकरण का सत्यापन कराकर एसीबी डूंगरपुर के उप अधीक्षक गुलाबसिंह के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए बुधवार दोपहर को आरोपी एएसआई को 10 हजार रुपए लेते हुए गिरफ्तार किया। आरोपी से राशि बरामद कर अग्रिम कार्रवाई जारी है।
कार्रवाई नहीं करने के बदले फूड इंस्पेक्टर ले रहा था रिश्वत
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दूसरी कार्रवाई करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय राजसमन्द में कार्यरत फूड इंस्पेक्टर श्रीराम मिश्रा को डेयरी पर कार्रवाई नहीं करने के बदले 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।
उसके खिलाफ परिवादी कालूसिंह चौहान ने पिपरड़ा चौराहा स्थित क्षेत्रपाल डेयरी पर कार्रवाई नहीं करने के एवज में 10 हजार रुपए मांगने की शिकायत दी थी। प्रकरण का सत्यापन कर राजसमन्द एसीबी की टीम ने बुधवार दोपहर को आरोपी खाद्य निरीक्षक को 10 हजार रुपए की राशि लेते हुए गिरफ्तार किया।
खाद्य सुरक्षा योजना में नाम जुड़वाने के बदले रिश्वत
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इसी तरह, एसीबी ने तीसरी कार्रवाई झुंझुनूं जिले के मलसीसर उपखण्ड कार्यालय में की। वहां कार्यरत कनिष्ठ लिपिक संदीप कुमार को खाद्य सुरक्षा योजना में नाम जुड़वाने के बदले साढ़े चार हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी संदीप कुमार ने परिवादी मोहम्मद सफीक एवं मोहम्मद आदील से उसके परिवार के तीन राशन कार्ड के नाम खाद्य सुरक्षा योजना में जुड़वाने के लिए प्रत्येक राशन कार्ड के हिसाब से डेढ़-डेढ़ हजार रुपए की मांग की। प्रकरण का सत्यापन कर एसीबी टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी लिपिक को साढ़े चार हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।