जोधपुर जेल में बैठकर चोरी का माल बिकवाने वाले एक सजायाफ्ता शातिर ठग और उसके गिरोह में शामिल दो व्यापारियों को गिरफ्तार करने में जयपुर कमिश्नरेट की विश्वकर्मा थाना पुलिस ने कामयाबी हासिल की है। तीनों आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार कोर्ट को में पेश किया।
डीसीपी पश्चिम अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि गिरफ्तार मुख्य आरोपी महेंद्र जैन है, जो कि गांव भटिंडा, तहसील लूणी, जोधपुर का रहने वाला है। सोजतपुर पाली में घी से भरा एक ट्रक खुर्द—बुर्द करने के आरोप में उसे सजा सुनाई गई थी। दो अन्य गिरफ्तार आरोपी अरविंद जैन निवासी देवली, मारवाड़ जंक्शन पाली और पृथ्वीसिंह निवासी सिवाड़ा, पाली है। इन दोनों का पाली में किराणे का व्यवसाय है। इससे पहले गिरोह से जुड़े आरोपी व्यवसायी आसनदास को पुलिस ने करीब एक महीने पहले गिरफ्तार किया था।
उसी से हुई पूछताछ में गिरोह की पर्ते खुलती चली गई। जानकारी के मुताबिक मास्टरमाइंड आरोपी महेंद्र जैन एक ऐसे गिरोह से जुड़ा हुआ है जो ट्रांसपोर्ट व्यापारियों के लाखों रुपए के माल को खुर्दबुर्द करता है। इसके बाद चोरी के माल को गिरोह से जुड़े लोग जोधपुर जेल में सजा काट रहे महेंद्र जैन से संपर्क करते है। महेंद्र जैन जेल से ही स्थानीय व्यापारियों से संपर्क कर चोरी का माल बिकवाता है।
और फिर जोधपुर जेल में बंद मास्टरमाइंड महेंद्र जैन का नाम सामने आया
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एडिशनल डीसीपी रतनसिंह के मुताबिक वीकेआई निवासी ट्रांसपोर्ट व्यापारी सुमित बत्रा ने 22 फरवरी को वीकेआई थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था। जिसमें बताया कि उन्होंने एक ट्रक में करीब 20 लाख रुपए का माल भरकर जयपुर से जोधपुर के लिए रवाना किया था। लेकिन आरोपी श्रीराम विश्नोई और दिनेश जाट ने माल खुर्दबुर्द कर हड़प गए। तब थानाप्रभारी रतनसिंह के नेतृत्व में सबइंस्पेक्टर मुकेश खराड़िया, कांस्टेबल करण सिंह व अन्य की टीम गठित की गई।
जांच में सामने आया कि जो माल खुर्द—बुर्द पर किया गया वह टैग लगा युक्त माल जोधपुर में ही किराणा व्यवसायी आसनदास बेच रहा है। पुलिस ने आसनदास को पकड़कर पूूछताछ की तो गिरोह की कड़ियां खुलती गई और फिर जोधपुर जेल में बंद मास्टरमाइंड महेंद्र जैन का नाम सामने आया। जिसे पुलिस ने गुरुवार को प्रोडक्शन वारंट पर जोधपुर जेल से गिरफ्तार किया तो पूछताछ में चोरी का माल व्यापारी अरविंद व पृथ्वीसिंह को गिरफ्तार कर लिया। इसके लिए सबइंस्पेक्टर मुकेश खराडिया के नेतृत्व में टीम जोधपुर भेजी गई थी।