सामान्य से सीधे—साधे दिखने वाले घर या फैक्ट्री पर आते हैं और पूछते है काम मिलेगा? इस दौरान शुरू हुई बातचीत में इनकी परखी नजर पूरे परिसर की रैकी कर लेती और फिर रात को अपना काम पूरा करते है।
दरअसल, आज अलवर की एमआईए थाना पुलिस ने ऐसे ही चोरी की वारदात करने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। ये पहले आपसे काम देने की बात कहते हैं और फिर मौका स्थल की पूरी रैकी कर लेने के बाद चोरी की वारदात को अंजाम देते। एमआईए थानाधिकारी पवन चौबे ने बताया कि मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र में फेक्ट्रियों और गांवों में चोरी की वारदात लगातार बढ़ रही थी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक राहुल प्रकाश ने एक विशेष टीम का गठन किया।
टीम ने किशनगढ़बास क्षेत्र के इस्माइलपुर गांव निवासी जुबेर, रामगढ़ के लाडपुर निवासी फारुख और मीणापूरा गांव निवासी रामबीर मीणा को गिरफ्तार किया है। जबकि इस गैंग के पांच आरोपी महाराजा, कमल, राजकुमार, जीतू और प्रवीण फरार हैं। आरोपियों ने एमआईए ,बड़ौदामेव और आसपास के क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक वारदात करना स्वीकार किया है।
किराए का कमरा देना भी हो सकता है घातक
यह भी सामने आया है कि यह गैंग दिन में काम ढूंढने के बहाने फैक्ट्रियों में घूमते हैं और इस दौरान वारदात के लिए रैकी कर लेते हैं। इसके बाद किराए का कमरा लेकर वहां आसपास ही रहने लगे जाते हैं। रात 12 से एक बजे के बीच गैंग के सभी सदस्य एक जगह एकत्रित होकर बाइक से वारदात करने के लिए निकल जाते हैं।
इस दौरान वारदात स्थल के आसपास पुलिस या आने-जाने वाले लोगों पर निगरानी की जिम्मेदारी गैंग के एक सदस्य की होती है। वह बाइक पर घूमता हुआ नजर रखता है, जबकि दो लोग बाइक तैयार रखते हैं, ताकि वारदात के बाद वहां से भाग सके। गिरोह के मोबाइल, लैपटॉप, एलसीडी, नकदी और अन्य सामान लेकर फरार हो जाते हैं।