पाली में तीन मासूमों का अपनी सहेली के लिए दवा मांगने छात्रावास प्रबंधन को इतना नागवार गुजरा की तीनों नाबालिगों को बेदखल कर दिया गया।
मामला तब सामने आया जब बच्चियां करीब चार किमी भटकने के बाद टोल प्लाजा पहुंची। मासूम बच्चियों को भटकते हुए देख जब टोल कर्मियों ने पूछताछ की तो मामला सामने आया। टोल कर्मियों ने पुलिस को बुलाया मामले की जानकारी की।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक पाली जिले के रायपुर मारवाड़ में कस्तूबा गांधी बालिका छात्रावास स्थित है। यहां रहने वाली तीन मासूमों ने अपनी सहेली की तबीयत खराब होने की बात कहकर छात्रावास में मौजूद एक शिक्षिका को दवा देने के लिए कहा। शिक्षिका को ये बात नागवार गुजरी, उसने पहले तो छात्राओं को जमकर लताड़ लगाई, उसके बाद पिटाई भी कर दी। बाद में संजू, मंजू और सरोज नाम की इन छात्राओं को छात्रावास से रवानगी दे दी गई। यहां से पैदल पैदल चलते हुए छात्राएं रात करीब दस बजे टोल प्लाजा के पास जाकर छिप गई। वहां गार्ड ने उन्हें देखा और जानकारी ली।
बच्चियों को समझा बुझाकर पहले टोल के ऑफिस में बिठाया गया और फिर पुलिस को जानकारी दे दी गई। छात्राओं ने पुलिस के समक्ष छात्रावास प्रबंधन पर कई तरह के आरोप लगाए हैं। इनमें भरपेट खाना न देने, मारपीट करने समेत अन्य आरोप शामिल है। पुलिस आरोपों की जांच में जुटी है।