राजधानी जयपुर के बस्सी थाना इलाके में जयपुर—आगरा हाइवे पर पुलिस ने नकली नोट छापने वाली फैक्ट्री पकड़ी है। यहां पर 2000, 500 और 100 रुपए के नकली नोट तैयार किए जा रहे थे। जांच में सामने आया है कि यहां तैयार किए करीब पांच लाख रुपए के नकली नोट बाजार में खपाए जा चुके हैं।
इस गिरोह का पर्दाफाश जयपुर कमिश्नरेट के बस्सी थाना पुलिस ने किया है। पुलिस ने नकली नोट छापने वाले गिरोह के दो मास्टरमाइंड समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे करीब पौने दो लाख रुपए के नकली नोट बरामद किए हैं। यह नकली नोट 2000, 500 और 100 रुपए के हैं। यहां से कलर प्रिंटर, स्केनर और अन्य उपकरण भी बरामद किए है। डीसीपी पूर्व कुंवर राष्ट्रदीप ने बताया कि गिरफ्तार मुख्य आरोपी छोटेलाल उर्फ छोटूलाल माली है। छोटेलाल गांव गढ़, तूंगा का रहने वाला है।
पुलिस के अनुसार दूसरा आरोपी मुकेश उर्फ रामसिंह बावरिया है। वह मूल रूप से अलवर जिले के प्रतापगढ़ तहसील में गांव कालेड़ का रहने वाला है। यहां आगरा रोड पर 52 फीट हनुमान मंदिर के पीछे किराए का कमरा लेकर रहता है और इसी कमरे में कलर प्रिंटर व स्कैनर की मदद से नकली नोटों की फैक्ट्री चलाई जा रही थी।
इसके अलावा ईदगाह कच्ची बस्ती, गलतागेट निवासी आरोपी सलीम, टोडाभाटा बस्सी निवासी धनराज मीणा और रामकल्याण मीणा है। पुलिस ने आरोपी मुकेश बावरिया के कब्जे से एक लाख 22 हजार 700 रुपए के नकली नोट, छोटेलाल के कब्जे से 52 हजार 300 रुपए, सलीम के कब्जे से 1100 रुपए, धनराज मीणा के कब्जे से 1200 रुपए तथा रामकल्याण के कब्जे से 900 रुपए के नकली नोट बरामद किए हैं।
यूं चली आरोपियों को दबोचने की कार्रवाई
fake note scanner
- फोटो : Vishnu Sharma
इस गिरोह के खुलासे में कार्रवाई एसीपी बस्सी आईपीएस तेजस्विनी गौतम के नेतृत्व में बस्सी थानाप्रभारी वीरेंद्र सिंह, स्पेशल टीम के कांस्टेबल हरिओम व राजेश की टीम ने कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार बस्सी थाने के कांस्टेबल हरिओम व राजेश को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी छोटेलाल बाइक से बस्सी से गुढ़ा चक गांव में किसी को नकली नोटों की डिलीवरी देने जा रहा था।
सूचना पर उच्च अधिकारियों के निर्देशन में दोनों कांस्टेबलों ने पीछा कर आरोपी छोटेलाल को दबोच लिया। उसके कब्जे से 2 हजार रुपए के 26 नोट व 100 रुपए के तीन नकली नोट मिले। इसके बाद पुलिस टीम ने छोटेलाल की निशानदेही पर मुकेश बावरिया के कमरे पर छापा मारकर नकली नोटों की फैक्ट्री का खुलासा किया। वहां ये आरोपी 2000, 500 और 100 रुपयों के असली नोट स्केनर पर स्कैन कर कलर प्रिंंटर पर उसका हूबहू नकली नोट बनाते है।
मामले में गिरफ्तार आरोपी छोटेलाल पिछले साल भी नकली नोट बनाकर बाजार में चलाने में गिरफ्तार हो चुका है। वह तीन माह पहले ही जेल से जमानत पर बाहर आया था।