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सीबीएसई फर्जी मार्कशीट व टीसी बनाकर यूं ठगता था यह गिरोह

Thu, 04 May 2017 03:17 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर 
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गिरफ्तार आरोपी - फोटो : Vishnu Sharma
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जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के पश्चिम जिले की सेज थाना पुलिस ने केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की फर्जी अंकतालिका बनाकर रुपए हड़पने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करने में कामयाबी हासिल की है। मामले में पुलिस ने बुधवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जिनमें दो आरोपी निजी स्कूलों के डायरेक्टर है, जबकि तीसरा आरोपी एक स्कूल टीचर है। 
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डीसीपी पश्चिम अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी भांकरोटा स्थित ब्राइट फ्यूचर विद्यापीठ के डायरेक्टर रामशरण चौधरी है, जो कि रामपुरा ऊती का रहने वाला है। दूसरा आरोपी महला स्थित दृष्टी सेकेण्डरी स्कूल का डायरेक्टर मोहन लाल यादव है। जबकि तीसरा आरोपी अजयराजपुरा गांव स्थित चौधरी पब्लिक स्कूल का टीचर प्रहलाद कुमावत है। तीनों आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश कर पुलिस ने दो दिन का रिमांड प्राप्त किया है। मामले का खुलासा करने में सेज थानाप्रभारी गयासुद्दीन व केस के अनुसंधान अधिकारी सब इंस्पेक्टर राजेश बुड़ानियां ने अहम भूमिका निभाई। 

सेज थानाधिकारी ग्यासुद्दीन ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ जनवरी में कानाराम नाम के व्यक्ति ने सेज थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था। जिसमें बताया कि दौलतपुरा निवासी आरोपी प्रहलाद ने कानाराम को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान से 10 वीं कक्षा पास करवाने का वादा किया। 20 हजार रुपए में सौदा कर 13 हजार रुपए ले लिए। इसके बाद केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की फर्जी अंक तालिका व स्थानातंरण पत्र दे दिया था।
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हरियाणा में मौजूद परिचित से छपवाते थे फर्जी अंकतालिका

arresting - फोटो : Demo pic
बाद में, ठगी का पता चलने पर पीड़ित कानाराम ने पुलिस में रिपोर्ट दी।जिसकी जांच सब इंस्पेक्टर राजेश बुड़ानियां को सौंपी गई। तब गहन पड़ताल के बाद सामने आया कि यह गिरोह पिछले करीब तीन साल से सीबीएससी की फर्जी मार्कशीट व टीसी बनाकर रुपए हड़पने का काम कर रहा था। 

सब इंस्पेक्टर राजेश के मुताबिक तीनों आरोपी आपस में दोस्त है, इनमें आरोपी प्रहलाद गांवों से अंक तालिका बनवाने वाले लोगों की तलाश करता है। फिर ऐसे जरुरतमंदों  को रामशरण से मिलवाता था। जहां पर रुपयों का सौदा कर ये दोनों पीड़ित को उससे दस्तावेज लेकर आरोपी मोहनलाल के पास पहुंचा देते थे। उसके बाद मोहनलाल हरियाणा में किसी दोस्त के माध्यम से कलर प्रिंटर से फर्जी अंकतालिका व स्थानांतरण पत्र बनाकर मंगवा लेता था।
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