मोटे मुनाफे का लालच देकर निवेश करवाने और फिर ठगी करने का मामला सामने आने के बाद अब पीड़ितों का एसओजी पहुंचना शुरू हो गया है। पिनकॉन कंपनी की ठगी का शिकार हुए 30-35 ऐसे लोग एसओजी आॅफिस पहुंचे और आईजी दिनेश एमएन से मिलकर उन्हें आपबीती बताई।
इन पीड़ितों में ज्यादातर जयपुर, चौमूं व निवाई के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि अपना लाखों रुपया पिनकॉन कंपनी की विभिन्न स्कीमों में निवेश किया था, लेकिन 2014 में अचानक कंपनी का अजमेर स्थित कार्यालय बंद हो गया।
वे इधर उधर भटकते रहे। इनमें कुछ के रुपए वापस मिल गए। इसके अलावा बाकी पीड़ित लोग आगरा, यूपी पहुंचे। जहां से उन्हें कलकत्ता भेज दिया। वहां भी कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी टालमटोल करते रहे। इसी बीच ठगी के शिकार पीड़ितों को पिनकॉन कंपनी के चेयरमैन मनोरंजन रॉय, विनय सिंह और दो अन्य डायरेक्टर्स के गिरफ्तार होने की सूचना मिली। तब वे वापस जयपुर आए और एसओजी में अपनी शिकायत दर्ज कराई।
25 हजार लोगों को गुमराह कर करीब 56 करोड़ का निवेश करवाया
पिनकॉन कंपनी का चेयरमेन मनोरंजन रॉय
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गौरतलब है कि राजस्थान में करीब सात साल पहले अनधिकृत तरीके से शुरू की गई पिनकॉन ग्रुप ने अपनी ब्रांच अजमेर में खोली। यहां संदीप घोष ने लुभावनी स्कीम में मुनाफा कमाने के लालच में 76 लाख रुपए निवेश कर दिए। इसके बाद कंपनी ने राजस्थान के अलग-अलग शहरों में 11 आॅफिस खोले। जिनमें करीब 25 हजार लोगों को गुमराह कर करीब 56 करोड़ का निवेश करवाया और करीब 39 करोड़ रुपए हड़पकर कंपनी बंद कर दी गई।
इसकी शिकायतें मिलने पर करीब दो माह पहले एसओजी राजस्थान की टीम ने निगरानी शुरु की। ठगी के शिकार संदीप घोष ने मुकदमा दर्ज करवाया। इसी केस की कड़ी के पड़ताल में पिनकॉप कंपनी के डायरेक्टर्स द्वारा देशभर में करीब 3 लाख निवेशकों से लगभग 1600 करोड़ रुपए निवेश के बहाने जमा कर धोखाधड़ी की गई।
पिनकॉन कंपनी के कलकत्ता, पश्चिम बंगाल निवासी चेयरमेन मनोरंजन रॉय समेत कंपनी के अन्य डायरेक्टर विनय सिंह को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा दो अन्य आरोपी डायरेक्टर हरीसिंह को लॉयर्स कॉलोनी, आगरा से और रघु शेट्टी को वाराणसी से गिरफ्तार किया गया। फिलहाल गिरफ्तार आरोपी सात दिन के रिमांड पर है।