जीआरपी पुलिस ने एसी कोच में यात्री बनकर अन्य यात्रियों का माल उड़ाने वाले शातिर अंतर राज्यीय आरोपी को गिरफ्तार किया है।
अजमेर जीआरपी पुलिस अधीक्षक सुनिल बिश्नोई ने बताया कि गत वर्ष आबूरोड़ थाना क्षेत्र में ट्रेन के एसी कोच से यात्री के पांच लाख रुपए के गहने चोरी हुए थे। मामले में गहनता से जांच की तो सामने आया कि फर्जी नम्बर के आधार पर बिहार निवासी एक शख्स एसी कोच में रिजर्वेशन करवाता है और माल उड़ाकर रफूचक्कर हो जाता है। इस पर बिहार में जाल बिछाया गया, लेकिन शातिर आरोपी जाल में नहीं फंसा। इसी दौरान आरोपी ने रिजर्वेशन करवाया और ट्रेन के एसी कोच मे आकर बैठा तो जीआरपी टीम भी उसी कोच में चढ़ गई।
टीम ने वारदात अंजाम देने से पहले आरोपी और उसके साथी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी नंदकिशोर उर्फ नंदू उर्फ देवेन्द्र उर्फ दिनेश(61) ने बताया कि वह बिहार में पटना जिले के खुशरूपुर का रहने वाला है। आरोपी का रहन-सहन का स्टाइल काफी हाई-फाई है। ऐसे में कोई भी उस पर शक नहीं कर सकता।
यूं करता था वारदात
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- फोटो : amar ujala
ट्रेन में सवार होने के बाद आरोपी नंदू रात होने का इंतजार करता है और जैसे ही यात्री नींद ले रहे होते हैं तो वह उनका बैग, अटैची उठाकर बाथरूम में ले जाता। यहां कटर, पेचकस सहित अन्य औजार के माध्यम से बैग खोलकर उसमें रखे जेवरात व नगदी चुराकर वापस वहीं लाकर रख देता है।
शातिर आरोपी नंदू कभी भी मोबाईल, लैपटाॅप, आईपैड या ऐसे इलेक्ट्राॅनिक्स सामान नहीं चुराता है। उसे पता है कि इनके जरिए आसानी से ट्रेस किया जा सकता है।
एसपी सुनिल बिश्नोई ने बताया कि आरोपी नंदू बिहार के इंजीनियर का नम्बर अपना रिजर्वेशन करवाने में काम में लेता था। इंजीनियर के पास पांच फोन होने के कारण कभी इस पर ध्यान भी नहीं दिया। जब जीआरपी ने सम्पर्क साधा तो इंजीनियर ने पुलिस की पूरी मदद की।