बाड़मेर जिले में 13 जून की आधी रात को मोकलसर स्थित वाल्मीकि रूचि मन्दिर के महंत श्रीधन गिरी की हत्या का पर्दाफाश कर पुलिस ने बृहस्पतिवार को तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।
बाड़मेर एसपी डॉक्टर गगनदीप सिंगला के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी ओमा उर्फ ओमाराम भील निवासी मांगला फार्म, समदड़ी का रहने वाला है। जबकि अन्य आरोपी जालाराम भील तथा जस्साराम भील है। ये दोनों गांव कूड़ी, तहसील पचपदरा बाड़मेर के रहने वाले हैं।
एसपी ने बताया कि महंत श्रीधन गिरी निवासी मोईवाड़ा जिला जालोर के रहने वाले थे। वह मोकलसर स्थित वाल्मीकि रूचि मन्दिर के महंत थे। 14 जून को वाल्मीकि रूचि मन्दिर मोकलसर के अध्यक्ष भीखाराम ने महंत श्रीधनगिरी की हत्या का मुकदमा सीवाना पुलिस थाने में दर्ज करवाया था। इस पर एएसपी कैलाशदान रत्नू के निर्देशन में पांच पुलिस थाना प्रभारियों और स्पेशल पुलिस टीम की गठित की गई थी। जिसमें एसपी आॅफिस की साईबर सेल के प्रभारी एएसआई पन्नाराम व कांस्टेबल प्रेमाराम को शामिल किया गया।
पुलिस अनुसंधान में इलाके में मन्दिरों में चोरी करने वाली गैंग के सक्रिय होने की जानकारी सामने आई। इस पर शातिर नकबजन ओमा उर्फ ओमाराम निवासी मांगला फार्म पुलिस थाना समदड़ी के 2 जून को जमानत पर जेल से बाहर आने की जानकारी मिली। उसके खिलाफ 2 दर्जन से भी ज्यादा नकबजनी एवं चोरी के मुकदमे दर्ज हैं। इस पर ओमाराम उर्फ ओमा और उसके दोनों साथियों को पकड़कर पूछताछ की गई।