राजस्थान की पुलिस ने आज ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है जो खुद को भारत का नागरिक बता रहा था। जबकि जांच में सामने आया है कि वह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पिछले सात साल से यहां रह रहा था।
मामला राजस्थान के अजमेर जिले से जुड़ा है। यहां दरगाह थाना पुलिस ने म्यांमार के रहने वाले अमान उल्लाह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपित यहां 2010 से रह रहा था। यहां अजमेर के सिलावट मोहल्ले में आरोपित पूरे परिवार के साथ बसा था। आज घरेलू कलह की वजह से जब पुलिस उसके घर तक पहुंची तो मामले का पर्दाफाश हुआ। बताया जा रहा है कि अमान उल्लाह ने शादी भी यहीं की। जबकि जांच में सामने आया है कि वह यहां म्यांमार का शरणार्थी था, ना कि स्थाई नागरिक।
अब मामले में पुलिस जांच में जुटी है कि आखिर उसने किसके सहयोग से भारत की नागरिकता संबंधी फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए और इसके पीछे उसका क्या मकसद रहा।
जम्मू कश्मीर में पढ़ाने का किया काम
जब्त दस्तावेज
- फोटो : amar ujala
पुलिस के अनुसार पकड़ा गया अमान उल्लाह रोहिंग्या मुसलमान है। बर्मा म्यांमार से कोलकाता के रास्ते भारत आया था। अमान उल्लाह ने जम्मू कश्मीर में बच्चों को पढ़ाने का काम किया और वहां पर शरणार्थी कार्ड बनवा लिया। अजमेर में भी खादिमों के बच्चों व अन्य बच्चों को पढ़ाकर अपना गुजर बसर कर रहा था।
दरगाह थानाधिकारी मानवेन्द्र सिंह ने बताया कि आरोपी अमान उल्लाह के कब्जे से आधार कार्ड, शरणार्थी कार्ड, पैन कार्ड, विद्युत कनेक्शन का बिल, बैंक की पास बुक सहित अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं। आरोपी के विरूद्ध आईपीसी की धारा 420, 467,468, 471 और 120बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।