प्रदेश के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने पुलिस मुख्यालय में आज पुलिस के उच्चाधिकारियों की क्लास ली। जिसमें उन्होंने कई संगीन अपराधों का खुलासा करने और अपराध के आंकड़े कम होने पर खुशी व्यक्त करते हुए अधिकारियों की पीठ थपथपाई। वहीं सड़क हादसों में कमी के बावजूद मौत का ग्राफ नहीं घटने पर चिंता जाहिर की। साथ ही, गांवों में भी दो हेलमेट के प्रावधान लागू करने पर जोर दिया।
गृहमंत्री कटारिया ने कहा कि वर्ष 2015 की अपेक्षा 2017 में सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 7 प्रतिशत कमी आई है। इसी प्रकार घायलों की संख्या में लगभग 7 प्रतिशत कमी आई है लेकिन इन दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या में विशेष कमी नहीं आई है। इसके लिए यातायात नियमों की सख्ती से पालना करवाने के निर्देश दिए।
कटारिया ने बताया कि गत वर्ष की तुलना में अगस्त माह तक आईपीसी के अपराधों में 6.85 प्रतिशत कमी आई है। उन्होंने बताया कि महिलाओं से सम्बन्धित अपराधों में 4 प्रतिशत कमी हुई है। इसी प्रकार एसटीएससी के प्रति अपराधों में 45 से 51 प्रतिशत के प्रति अपराधों में 24 प्रतिशत कमी आई है। कटारिया ने बताया कि प्रदेश में हत्या,अपहरण एवं दुष्कर्म जैसे संगीन अपराधों में भी गिरावट हुई है। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों से लगातार आईपीसी के अपराध कम होना सुखद अहसास है।
सायबर अपराधों पर जताई चिंता
गुलाबचंद कटारिया
- फोटो : File photo
गृहमंत्री ने निर्देश दिये कि प्रदेश में बढ़ रहे सायबर अपराध चिंता का विषय है, इसे रोकने की प्रभावी कार्रवाई करें ताकि पुलिस की छवि में और सुधार हो सके। उन्होंने कहा कि पुलिस थानों के मालखाने में रखे सामान का निस्तारण में सफलता नहीं मिली। इसमें अलवर जिला पुलिस द्वारा पिछले 8 महिनों में 83 सौ नाकारा सामान का निस्तारण करना अच्छा प्रयास है।
बैठक में डीजीपी अजीत सिंह ने बताया कि पुलिस की मुस्तैदी से प्रदेश के अपराध घटे हैं, वहीं कानून व्यवस्था एवं आईपीसी के तहत दर्ज अपराधों की रोकथाम में अच्छा काम किया है। बैठक में एडीजी कपिल गर्ग, पंकज कुमार सिंह, ओपी गल्होत्रा, बीएल सोनी, नंदकिशोर, राजीव दासोत, एनआरके रेड्डी, डीसी जैन, राजीव शर्मा, सौरभ श्रीवास्तव, ए पौन्नुचामी एवं एमएल लाठर, उमेश मिश्रा, सुनील मेहरोत्रा, श्रीनिवास राव जंगा, कुमार इंदूभूषण, भूपेन्द्र दक, निरसिम्हा राव, डी एस दिनकर सहित गृहमंत्री के विशिष्ठ सचिव महेन्द्र पारख ने भाग लिया।