गवाह और दस्तावेज के आधार पर न्यायाधीश बृजमाधुरी शर्मा ने आरोपी हीरालाल को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा व एक लाख रुपए के जुर्मान से दंडित किया।
न्यायाधीश शर्मा ने टिप्पणी की कि दो साल की बच्ची जो बोलना तक नहीं जानती थी, उसके साथ ऐसा घिनौना कर्म करके आरोपी ने मानवीय संवेदनाओं की हत्या की है और मानवता को भी शर्मसार किया है। ऐसे आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिलना जरूरी है।