जयपुर शहर के अतिरिक्त सत्र न्यायालय क्रम-3 ने राजेन्द्र मिर्धा अपहरण कांड मामले में आज फैसला सुनाते हुए आरोपी हरनेक सिंह को दोषी करार दिया। मामले में कोर्ट अब कल सजा पर फैसला सुनाएगी। वहीं अदालत ने प्रकरण में पुलिस अभिरक्षा में विस्फोटक गायब होने पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि पुलिस ने जानबूझकर विस्फोटक गायब होने दिया है। अदालत ने आदेश की कॉपी डीजीपी और गृह सचिव को भेजते हुए दोषी अफसरों पर उचित कार्रवाई कर अदालत में रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।
इससे पहले अदालत वर्ष 2004 में प्रकरण में दयासिंह लाहोरिया को आजीवन कारावास और उसकी पत्नी सुमन को सात साल की सजा सुना चुकी है। गत दिनों बचाव पक्ष की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसले के लिए 5 अक्टूबर तय की थी। इस पर आज आरोपी हरनेक सिंह को दोषी करार दिया।
मामले के अनुसार राजस्थान के कांग्रेसी नेता रामनिवास मिर्धा के पुत्र राजेन्द्र मिर्धा का 17 फरवरी 1995 को अपहरण हुआ था। जिसे छोड़ने की एवज में तीन अपहरणकर्ताओं और उसकी गैंग ने देवेन्द्रसिंह भुल्लर को पंजाब पुलिस से छुड़ाने की शर्त रखी।