राजस्थान पीसीपीएनडीटी सेल ने अंतरराज्यीय कार्रवाई करते हुए यूपी में अवैध तरीके से भ्रूण लिंग जांच करने के आरोप में एक महिला नर्स को गिरफ्तार किया है। पीसीपीएनडीटी परियोजना निदेशक रघुवीर सिंह ने बताया कि आरोपी महिला दलाल नर्स मंजू को हाथरस, उत्तरप्रदेश से गिरफ्तार किया गया। दलाल नर्स आरोपी मंजू भरतपुर शहर के सारस चौराहे से गर्भवती महिला को भ्रूण लिंग परीक्षण के लिए अपने साथ सोमवार को मथुरा लेकर गई। वहां गर्भवती महिला को इधर—उधर घुमाने के बाद हाथरस के पंजीकृत सोनोग्राफी सेंटर पर दलाल मंजू द्वारा सामान्य सोनोग्राफी करवाई गई। इसके कुछ देर बाद रिपोर्ट को दिखाते हुए गर्भवती महिला को पेट में पल रहे भ्रूण की जानकारी दी।
निदेशक रघुवीर सिंह ने बताया कि भ्रूण के लिंग की जानकारी देने के बाद इशारा मिलने पर पीसीपीएनडीटी सेल टीम ने दलाल मंजू को पकड़ लिया। उससे वही 10 हजार 500 रुपए बरामद कर लिए गए, जिन पर ट्रैप से पहले माइक्रो साइन कर रखे थे। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी नर्स मंजू सामान्य सोनोग्राफी करवाकर गर्भवती महिलाओं के साथ ठगी करते हुए भ्रूण लिंग की जानकादी देती थी। यह कार्रवाई सीताराम के नेतृत्व में की गई। जिसमें पीसीपीएनडीटी समन्वयक दौसा के मुनेन्द, भरतपुर के प्रवीण चौधरी, धौलपुर के पंकज शुक्ला शामिल थे।
स्वास्थ्य सचिव एवं मिशन निदेशक एनएचएम नवीन जैन ने बताया कि पीसीपीएनडीटी के चार दलों ने अलग—अलग स्थानों सीकर, भरतपुर, खेतड़ी एवं अलवर में कार्रवाई की। भ्रूण लिंग जांच में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध अब तक की 74 वीं एवं इंटरस्टेट 16वीं डिकॉय कार्रवाई हो चुकी है।इससे पहले मथुरा में 3 अगस्त 2016 को डिकॉय ऑपरेशन के बाद से फरार मुख्य आरोपी चिकित्सक दिनेश ठेनुवा को भी टीम ने गिरफ्तार कर लिया। वहीं, झुंझुनूं के खेतड़ी में हुए डिकॉय कार्रवाई में लिंग जांच के नाम पर ठगी करते गिरफ्तार दोनों आरोपी शेरसिंह व मनीष की सीकर पीसीपीएनडीटी कोर्ट ने जमानत खारिज कर दी है।