एक कांस्टेबल के परिवार के सदस्यों के साथ सामूहिक खुदकुशी के मामले में एक आरोपित एएसआई पर गाज गिर गई है। बच्चों सहित आत्महत्या करने वाला कांस्टेबल पिछले छह साल से चोरी के एक मुकदमे में अपने ही महकमे के पुलिस अधिकारियों की प्रताड़ना झेल रहा था।
विज्ञापन
अजमेर आईजी मालिनी अग्रवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सुसाइड नोट में आरोपित एएसआई राधाकिशन को निलंबित कर दिया गया। मामले में खुदकुशी के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पांच पन्नों के सुसाइड नोट में कांस्टेबल गेनाराम मेघवाल ने एएसआई राधाकिशन सैनी, एएसआई भंवरु खां और हैडकांस्टेबल रतनाराम को मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया था।
वहीं, आज दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मृतक कांस्टेबल गेनाराम के परिजनों का जायल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में धरना जारी रहा। आज सुबह से काफी संख्या में रिश्तेदार व परिजन धरने पर बैठे रहे।
विज्ञापन
लिखा, इसलिए लगा रहा हूं मौत को गले क्योंकि...
सुसाइड के बाद मौके पर पुलिस अधिकारी
- फोटो : Amar Ujala
जानकारी के अनुसार कांस्टेबल गेनाराम मेघवाल नागौर जिले के सुरपालिया थाना इलाके के बाघारासर गांव का रहने वाला था। वह नागौर जिले में डीडवाना एएसपी का ड्राइवर था। उसकी पोस्टिंग डीडवाना थाने में चल रही थी।
गेनाराम, पत्नी संतोष, 22 वर्षीया बेटी सुमित्रा और 20 वर्षीय बेटे गणपत सिंह ने रविवार अलसुबह घर पर फंदा लगाकर सामूहिक आत्महत्या कर ली थी। सुसाइड नोट में पुलिस कांस्टेबल गेनाराम ने अपनी परेशानी का जिक्र किया था।
दरअसल, मृतक के खिलाफ चोरी का एक मामले की जांच चल रही है, जो पड़ौसी एएसआई राधाकिशन ने वर्ष 2012 में दर्ज करवाई थी। पांच पन्नों के इस सुसाइड नोट में मृतक ने मामले में अनुसंधान कर रहे एक उपाधीक्षक और एक एएसआई पर रिश्वत में मोटी रकम मांगने का आरोप लगाया।
साथ ही, उस पर मामले में चोरी का रिपोर्ट दर्ज करवाने वाले एएसआई राधाकिशन की एप्रोच होने की धमकियां देकर राजीनामा करने का दबाव डालने का आरोप भी लगाया। उससे मारपीट भी की। मुकदमे की जांच कर रहे नागौर के एएसआई भंवरु खां, हैडकांस्टेबल रतनाराम पर उनके घर पर तफ्तीश के बहाने घर आकर बच्चों को बेवजह प्रताड़ित करने का आरोप लगाया।
साथ ही, एएसआई भंवरु खां द्वारा मुकदमे में फंसाने की धमकियां देकर 5 लाख रुपए मांगने की बात कही। आरोप है कि वह मुकदमा दर्ज करवाने पुलिस थाने गया तो रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। उसने कोर्ट इस्तगासे से रिपोर्ट दर्ज करवाई। तब उसे धमकियां मिलने लगी।
जुर्म प्रमाणित नहीं होने पर भी दुराचरण रिपोर्ट भेजी गई। लगातार प्रताड़ित करने से अवसाद में आकर कांस्टेबल ने परिवार के साथ सामूहिक खुदकुशी का कदम उठाया। इससे पहले सोशल मीडिया पर सुसाइड नोट वायरल किया।