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बिना दस्तावेज के चल रहा आईएएस के भाई का क्रशर, पुलिस ने मारा छापा

Mon, 22 Jan 2018 02:04 PM IST
चैतन्य ठाकुर, अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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खनन माफिया के खिलाफ स्मार्ट पुलिस के हाथ एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। शिमला शहर के साथ लगते जुब्बड़ के बडमैण में एक क्रेशर पर पुलिस ने दबिश दी। मौके पर टिप्पर, जीसीबी मशीन और रेत-बजरी के ढेर पाए गए।
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वहां मौजूद कर्मचारियों से जब क्रेशर के दस्तावेज मांगे गए तो वह नहीं दिखा पाए। जब मोबाइल पर क्रेशर मालिक मनीष से बात की गई तो उसने पुलिस से कहा कि वह दुबई में है और अभी उनकी क्रेशर मंजूरी के पेपर लगभग तैयार हैं।

पुलिस ने मौके पर से खनन अधिकारियों से भी बात की उन्होंने ने कहा कि इस तरह के किसी भी क्रेशर को कोई मंजूरी नहीं मिली है। पुख्ता सूत्र बता रहे हैं कि यह क्रेशर एक आईएएस अफसर का भाई कई सालों से चला रहा है।
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पुलिस की कार्रवाई से खनन माफिया में हड़कंप

खनन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इसके खिलाफ एफआईआर या कोई भी कार्रवाई करने से आज तक बचता रहा है। पुलिस की इस कार्रवाई से खनन माफिया में हड़कंप मच गया है।

डीएसपी सिटी दिनेश शर्मा की अगुवाई में रविवार सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे जंगल में स्थित क्रेशर पर छापामारी की गई। पुलिस ने वहां मौके पर दो व्यक्तियों से पूछताछ की पहले उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं मालूम उन्होंने कहा कि वह तो यहां किरायेदार के तौर पर रह रहे हैं।

जब उनसे पूछा गया कि इस जंगल में तुम किसके किरायेदार हो और क्या करते हो तो वह फंस गए। थोड़ा सख्ती से पूछने पर उन्होंने बताया कि वे ही इस क्रेशर की देख रेख करते हैं, और यहां एक क्रेशर के लिए मैनेजर भी मालिक की ओर से रखा गया है।

वह अभी यहां नहीं है। मौके पर पत्थरों, रेत और रोड़ी के ढेर लगे हुए थे। यहां जंगल की तरफ कच्ची सड़क भी निकाल रखी है अब यह जांच का विषय है कि यह सड़क क्रेशर मालिक ने अपनी मलकीयत में निकाल रखी है या फिर किसी ने वन भूमि पर निकाल दी। इस पूरे इलाके को देखकर पुलिस भी हैरान थी। यहां बेरोक टोक यह काम काफी समय से चल रहा था।

खनन विभाग से मदद मांगी; जवाब मिला, गाड़ी नहीं है कैसे आएं

खनन अधिकारी को जब पुलिस ने मौके से फोन कर बुलाया तो पहले जवाब मिला कि आज छुट्टी है और स्टाफ नहीं है। जब जोर देकर कहा कि आप भी कार्रवाई में मदद करें तो कहा गया कि मौके पर पहुंचने के लिए हमारे पास गाड़ी नहीं है।

इस पर पुलिस ने अपनी एक गाड़ी खनन महकमे की टीम के लिए शिमला भेजी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जिम्मेदार अधिकारियों से भी संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया।

इस पूरे मामले से एक बात तो साफ है कि किसी के मिलीभगत के बिना शहर के नजदीक बिना अनुमति के क्रेशर चलाना मुमकिन नहीं है। मौके पर थाना एसएचओ सुन्नी और उनकी टीम मुआयना करने में जुटी रही।

अवैध लग रहा क्रेशर : डीएसपी

डीएसपी सिटी दिनेश शर्मा ने कहा कि गुप्ता सूचना मिली थी कि बडमैण में एक बिना मंजूरी के क्रेशर चल रहा है। मौके पर दबिश दी गई, वहां मौजूद कर्मचारी क्रेशर चलाने से संबंधित दस्तावेज नहीं दिखा पाए।

क्रेशर मालिक से मोबाइल पर बात की गई उसने कहा कि क्रेशर चलाने की मंजूरी के दस्तावेज लगभग तैयार है। इस पर खनन महकमे के अधिकारियों को भी मौके पर कार्रवाई के लिए बुलाया गया है। साफ है कि इस क्रेशर को अवैध तौर पर चलाया जा रहा है।

क्या कहता है खनन विभाग
स्टेट जियोलाजिस्ट रजनीश शर्मा ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। सोमवार को संबंधित अधिकारी से इस बारे में पूरी रिपोर्ट तलब की जाएगी। उधर, खनन अधिकारी का दावा है कि मौके पर चालान किया गया है।
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सवाल : नालदेहरा के पास बडमैण में पकड़े गए अवैध क्रेशर संचालक के खिलाफ क्या एफआईआर होगी?
जवाब : बिना अनुमति चल रहे क्रेशर के संचालक के खिलाफ सौ फीसदी एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। मामले की छानबीन के आदेश दिए जाएंगे।

सवाल : पूरे प्रदेश में चल रहे अवैध क्रेशरों की क्या जांच होगी?
जवाब : प्रदेश भर में क्रेशरों की परमिशन जांची जाएगी। अवैध रूप से चल रहे क्रेशर बंद किए जाएंगे।

सवाल : जिन अफसरों की मिलीभगत से अवैध क्रेशर चल रहे हैं, क्या उनके खिलाफ कार्रवाई होगी?
जवाब : अवैध क्रेशर के संचालन में अगर अफसर संलिप्त पाए गए या उनके स्तर पर लापरवाही पाई गई तो कड़ी कार्रवाई होगी।

सवाल : खनन माफिया पर लगाम कसना भाजपा के घोषणा पत्र में शामिल था, क्या इस पर कोई कार्रवाई शुरू हुई?
जवाब : खनन माफिया पर अंकुश लगाने के लिए अभियान शुरू कर दिया गया है, ऊना और कांगड़ा में कार्रवाई की गई है।

सवाल : खनन माफिया के खिलाफ सरकार का एक्शन प्लान क्या रहेगा?
जवाब : खनन माफिया के खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा। अधिकारियों को विशेष अभियान चलाने और हर महीने इसकी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
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