फर्जी इंश्योरेंस कर्मचारी बनकर मोटा लोन दिलवाने के बहाने लाखों रुपए की ठगी करने वाले एक गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। गिरोह को प्रदेश की कोटा पुलिस ने उत्तरप्रदेश में औरेया से पकड़ा है।
एसपी कोटा शहर अंशुमान भौमियां ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी दीपक बाबू उम्र 27 साल निवासी औरैया उत्तरप्रदेश है। दूसरा अजय बघेल उम्र 26 साल निवासी गाजियाबाद उत्तरप्रदेश है और तीसरा आरोपी चंद्रभान उर्फ रिषी उम्र 27 साल निवासी औरया उत्तरप्रदेश है।
उन्होंने बताया कि कोटा के विज्ञान नगर निवासी अब्दुल रहीम खान ने विज्ञान नगर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था। इसमें उसने बताया कि अज्ञात लोगों ने ढाई करोड़ रुपए का लोन पास करने का लालच देकर बातों में फंसाया और फिर फरियादी से विभिन्न मांगों की एवज में लाखों रुपए अपने खातों में डलवा लिए।
ठगी का पता चलने पर पीड़ित ने विज्ञान नगर थानाप्रभारी मुनींद्र सिंह से पीड़ा जाहिर कर मुकदमा दर्ज करवाया। तब पुलिस ने कॉल डिटेल और जिन बैंक खातों में रुपया जमा करवाया गया उनकी डिटेल जुटाई। जिसके बाद नोएडा, मथुरा, गुड़गांव और औरेया उत्तरप्रदेश में छापामारी की गई।
फर्जी नाम व पते से लड़कियों से दोस्ती
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- फोटो : Demo pic
पुलिस छापामारी की भनक लगने पर शातिर ठगों ने पीड़ित से संपर्क किया और उसे 15 लाख रुपए की रकम लौटाने का आश्वासन देकर पुलिस कार्रवाई नहीं करने की बात कही। एसपी कोटा भौमियां ने बताया कि यह गैंग रेंडम कॉलिंग के जरिए ग्राहकों की बीमा पॉलिसियों की डिटेल के जरिए उन्हें लोन दिलवाने की बात कहकर फंसाते हैं।
लड़कियों से दोस्ती करके उनके बैंक खातों का इस्तेमाल करते हैं और उनके खातों में हड़पी गई रकम को जमा करवाकर ठगी करते हैं। वहीं, पुलिस इस गैंग के आरोपियों तक नहीं पहुंच सके इसके लिए ये तीनों आरोपी इन लड़कियों को भी अपना नाम व पता गलत बताते हैं।
इस गैंग द्वारा मुंबई के प्रोपर्टी डीलर अश्वनी गुंजन से 15 लाख रुपए, बिजनौर निवासी रमेशचंद से 10 लाख रुपए, मेरठ के व्यापारी राकेश शर्मा से 13 लाख रुपए, आगरा की लीना चौधरी से 3 लाख रुपए और मेरठ के व्यापारी जितेंद्र से 1 लाख रुपए हड़पने की वारदात करना सामने आया है। इस गिरोह से और भी वारदात खुलने की संभावना है।