आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय का स्लोगन देने वाली पुलिस को खुला चेलेंज देते हुए एक युवक ने पुलिस थाने से चंद कदम दूरी पर अपने साथी की नृशंस हत्या कर आग लगा दी।
इस वारदात ने जयपुर पुलिस की रात्रि गश्त व्यवस्था और पुलिस की मुस्तेदी पर सवाल खड़े कर दिए थे। मामले में जयपुर कमिश्नरेट के शिप्रापथ थाने के दो पुलिसकर्मियों को निलंबित और थानाप्रभारी समेत छह पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर होना पड़ा था।
लेकिन तीन दिन की मेहनत के बाद जयपुर कमिश्नरेट की पुलिस ने हत्या के आरोपी को ढूंढ ही निकाला और उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी का नाम राजू बताया जा रहा है। फिलहाल हत्या की वजह का खुलासा पुलिस कमिश्नर सोमवार को एक मीडिया कॉफ्रेंस में करेंगे। बताया जा रहा है कि आरोपी को पुलिस ने प्रदेश के जोधपुर जिले से धरदबोचा। हत्या के बाद वह सीधे जयपुर से जोधपुर चला गया था।
थानाप्रभारी समेत छह लाइन हाजिर और दो सस्पेंड
CRIME SCENE
- फोटो : Demo pic
गौरतलब है कि 10 जनवरी की देर रात को राजू ने अपने परिचित पश्चिम बंगाल निवासी कमल रॉय के साथ शिप्रापथ थाने के सामने हाउसिंग बोर्ड के खाली मैदान में शराब पी। इसके बाद देर रात करीब सवा 2 बजे राजू ने कमल के सिर पर लोहे की रॉड से हमला कर उसे मार दिया और पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।
वारदात के बाद वह वारदात में प्रयुक्त रॉड, पेट्रोल की खाली बोतल व मृतक कमल की आईडी कार्ड वहीं छोड़कर भाग निकला था। अगले दिन स्थानीय लोगों ने थाने के सामने अधजली लाश देखकर पुलिस को सूचना दी। तब वारदात का पता चला।
वारदात को गंभीरता से लेते हुए जयपुर पुलिस कमिश्नर संजय अग्रवाल ने रात को गुरुवार रात को एक आदेश जारी कर शिप्रापथ थानाप्रभारी संजय गोदारा समेत छह पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया था। इसके अलावा रात्रि ड्यूटी आॅफिसर और संतरी कांस्टेबल को निलंबित कर दिया था।